Amar Ujala Ltd

08/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/04/2026 19:34

ऑपरेशन त्रिशूल: सरकार ने भगोड़ों पर कसा शिकंजा, सात साल में 274 अपराधी भारत लाए; हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त

{"_id":"6a728d1cd92c58b325082289","slug":"operation-trishul-india-brings-back-274-fugitives-from-36-countries-in-seven-years-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन त्रिशूल: सरकार ने भगोड़ों पर कसा शिकंजा, सात साल में 274 अपराधी भारत लाए; हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

ऑपरेशन त्रिशूल: सरकार ने भगोड़ों पर कसा शिकंजा, सात साल में 274 अपराधी भारत लाए; हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त

Wed, 05 Aug 2026 06:44 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 05 Aug 2026 06:44 AM IST
सार

केंद्र सरकार के ऑपरेशन त्रिशूल के तहत पिछले सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। इस दौरान 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और 18,762 करोड़ रुपये की राशि वापस लाई गई।

विज्ञापन
तहव्वुर राणा, मुंबई हमलों का साजिशकर्ता - फोटो : Amar Ujala Graphics
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

केंद्र सरकार ऑपरेशन त्रिशूल के तहत पिछले सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में कामयाब हुई है। ये अपराधी अलग-अलग देशों में नाम और पहचान बदल कर छिपे हुए थे। जांच एजेंसियों ने सैटेलाइट और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से इन भगोड़ों अपराधियों की जियो-लोकेशन ट्रैक की और इन्हें ढूंढ निकाला।

विज्ञापन


इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, वित्तीय व नशीले पदार्थों के अपराधी, तथा हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत वांछित आरोपी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि इन सात साल की अवधि के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इन भगोड़ अपराधियों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं और 18,762 करोड़ रुपये भी वापस लाए गए। 2025 में सबसे अधिक 70 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए, जबकि इस साल जुलाई तक 45 भगोड़े वापस लाए गए हैं।
विज्ञापन


रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की संख्या में वृद्धि
इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में 40, वर्ष 2023 में 100, वर्ष 2024 में 107, वर्ष 2025 में 112, और 2026 में अब तक 182 रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं। पिछले तीन साल में भगोड़े अपराधियों के खिलाफ 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन अपराधों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस 2026 2025 2024 कुल
धोखाधड़ी/फ्रॉड/वित्तीय अपराध 57 26 32 115
आतंकी गतिविधि/राष्ट्र विरोधी गतिविधि/नार्को टेरर 12 11 19 42
संगठित अपराध/गैंगस्टर/एक्सटॉर्शन 15 11 10 36
हत्या/डकैती/हिंसक अपराध 42 30 18 90
यौन अपराध/दुष्कर्म/पॉक्सो/सेक्शुअल ऑफेंस 6 1 7 14
नार्कोटिक्स/एनडीपीएस/ड्रग ट्रैफिकिंग 24 18 10 52
स्मगलिंग/फेक करेंसी/साइबर/कंट्राबैंड 2 2 1 5
मानव तस्करी/किडनैपिंग 2 2 1 5
अन्य जघन्य वारदात 22 11 9 42
इन मामलों में इंटरपोल की ली मदद 182 112 107 401


डिजिटल मैपिंग से मिली मदद
ऑपरेशन त्रिशूल के तहत सैटेलाइट इनपुट, डिजिटल मैपिंग और प्रोफाइल ट्रैकिंग के जरिये विदेश में पहचान बदलकर छिपे अपराधियों का पता लगाया गया। जनवरी 2026 में आईबी के मल्टी एजेंसी सेंटर के तहत एक समर्पित समूह बनाया गया, जो मामलों को प्राथमिकता देने और अंतरराष्ट्रीय समन्वय को तेज करने का काम कर रहा है। तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण भारत के संकल्प और जटिल टेरर मामलों में धैर्यपूर्ण कानूनी-कूटनीतिक प्रयास का बड़ा उदाहरण है।


भगोड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में भी ट्रायल
केंद्र सरकार 2019 में एनआईए संशोधन अधिनियम और यूएपीए संशोधन अधिनियम लेकर आई। 2020 के बाद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। इससे कार्रवाई केवल संगठनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तिगत आतंकी, हैंडलर्स, वित्तीय नेटवर्क और विदेशों में बैठे सपोर्ट सिस्टम तक कार्रवाई का दायरा बढ़ा।

वर्ष 2024 में तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू किया गया, जिनमें भगोड़ों से संबंधित विशेष प्रावधान किए गए। पहली बार, बीएनएसएस की धारा 355 और 356 में अनुपस्थिति में मुकदमा का प्रावधान रखा गया। इससे भगौड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में भी ट्रायल से लेकर अभियोजन तक संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी।

मजबूत समन्वय, कूटनीति काम आई
मोदी सरकार ने भगोड़ों के खिलाफ तीन स्तंभों पर जोर दिया है। इसमें वैश्विक संचालन, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति शामिल हैं। भगोड़े अपराधियों का मुद्दा देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू किया गया है। भारत ने भगोड़ों के खिलाफ एक एकीकृत, खुफिया-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित मॉडल विकसित किया है। इससे भगोड़ों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए उन्हें वापस लाने का रास्ता साफ हुआ।

एकीकृत अभियान से सफलता : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने एकीकृत, खुफिया-संचालित और प्रौद्योगिकी-आधारित अभियान शुरू किए हैं, जिससे विदेश में छिपे भगोड़ों पर नकेल कसी जा रही है। नए भारत ने तकनीक, सख्त कानूनों और वैश्विक साझेदारियों के जरिये पुरानी व्यवस्था की कमियों को दूर किया है। तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने का प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे अनुपस्थित अपराधियों के खिलाफ भी अदालती कार्रवाई पूरी करने का रास्ता साफ हुआ है।

2014 से पहले 37 देशों से थीं संधियां
  • मंत्रालय के अनुसार, 2014 से पहले प्रत्यर्पण के कानून अप्रासंगिक हो गए थे। केवल 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां थीं। आर्थिक भगोड़ों को पकड़ने और उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए कोई अलग कानून नहीं था।
  • 2004 से 2013 के बीच एक वर्ष में औसतन केवल चार भगोड़ों का प्रत्यर्पण होता था, जबकि 110 अनुरोध लंबित थे। इसके अलावा, अधूरे दस्तावेज और धीमी कार्यवाही के कारण प्रत्यर्पण प्रक्रिया बहुत जटिल हो गई थी। विदेशी अदालतें भी प्रत्यर्पण की अनुमति नहीं देती थीं। कानूनी बाधाओं के कारण भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध रद्द किए जाते थे।
  • गृह मंत्रालय और अन्य विभागों में समन्वय और एकीकृत रणनीति का अभाव भी था। भगोड़ों की जानकारी साझा करना, लोकेशन ट्रैकिंग, रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने जैसे कार्य धीमी गति से चलते थे।
Amar Ujala Ltd published this content on August 05, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 05, 2026 at 01:35 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]