Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

03/07/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/07/2026 01:40

भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल सम्मेलन में सुरक्षित हरित हाइड्रोजन उत्पादन के विस्तार के लिए सहयोग को आगे बढ़ाया गया

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल सम्मेलन में सुरक्षित हरित हाइड्रोजन उत्पादन के विस्तार के लिए सहयोग को आगे बढ़ाया गया


नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय सम्मेलन में नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रमुख और तकनीकी विशेषज्ञ एक सुरक्षित हरित हाइड्रोजन भविष्य को आकार देने के लिए शामिल हुए

प्रविष्टि तिथि: 07 MAR 2026 11:01AM by PIB Delhi

भारत-ब्रिटेन हरित हाइड्रोजन मानक और सुरक्षा प्रोटोकॉल सम्मेलन का आयोजन 27 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में किया गया। इसमें दोनो देशों की सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, मानक निकायों, परीक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और नियामक एजेंसियों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया ताकि भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत हरित हाइड्रोजन के सुरक्षित उपयोग पर सहयोग को मजबूत किया जा सके।

यह सम्मेलन राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के समर्थन में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय हाइड्रोजन सुरक्षा केंद्र (एनसीएचएस) ने भारत में ब्रिटिश उच्चायोग और डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसमें हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में नियामक ढांचे, अंतरराष्ट्रीय मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं। इनमें उत्पादन, भंडारण, परिवहन और अंतिम उपयोग अनुप्रयोग शामिल हैं।

उद्घाटन सत्र का प्रारंभ राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के महानिदेशक मोहम्मद रिहान के संदर्भ-निर्धारण संबंधी संबोधन से हुआ। इसके बाद नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के मिशन निदेशक अभय बकरे, भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के प्रथम सचिव (व्यापार) जिनूस शरियाती, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के सचिव अंजन कुमार मिश्रा और भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के प्रथम सचिव (जलवायु और ऊर्जा) लौरा आयलेट ने विशेष संबोधन दिए।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के वैज्ञानिक सचिव परविंदर मैनी ने मुख्य भाषण देते हुए, हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के बड़े पैमाने पर उपयोग को सक्षम बनाने के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचे, मानक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण हाइड्रोजन सुरक्षा और मानकों के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय नियामकों की भागीदारी थी। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने हाइड्रोजन प्रणालियों के लिए सुरक्षा अनुपालन, जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन पर नियामक दृष्टिकोण साझा किया। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने विकसित हो रहे मानक ढांचे और भारतीय हाइड्रोजन मानकों को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाने के लिए चल रहे प्रयासों पर जानकारी प्रस्तुत की।

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में उद्योग, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में सुरक्षा प्रथाओं पर प्रस्तुतियाँ और चर्चाएँ शामिल थीं। वक्ताओं में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स, एनटीपीसी लिमिटेड, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, अरूप, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड, सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के प्रतिनिधि शामिल थे। सत्रों में हाइड्रोजन के अंतिम उपयोग अनुप्रयोगों में सुरक्षा प्रथाओं, हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और परिवहन प्रणालियों के सुरक्षित डिजाइन और संचालन, जोखिम मूल्यांकन पद्धतियों, घटना केस स्टडी और हाइड्रोजन सुरक्षा के लिए उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकियों और एआई-सक्षम निगरानी जैसे उभरते नवाचारों को शामिल किया गया। सम्मेलन का समापन भारत और यूके द्वारा मानकों के विकास, नियामक क्षमता निर्माण और सुरक्षा ढाँचों पर सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ, ताकि हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के विश्वसनीय और बड़े पैमाने पर उपयोग को समर्थन मिल सके।

सम्मेलन का समापन भारत और ब्रिटेन के बीच सुदृढ़ मानकों, नियामक ढाँचों और सुरक्षा प्रोटोकॉल विकसित करने के लिए सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ ताकि हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित और व्यापक स्तर पर उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके। उम्मीद है कि ये विचार-विमर्श राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत चल रहे प्रयासों में योगदान देंगे। इसका उद्देश्य एक व्यापक सुरक्षा प्रणाली का निर्माण करना और भारत में एक विश्वसनीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हरित हाइड्रोजन क्षेत्र के विकास को सुगम बनाना है।

***

पीके/केसी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2236278) आगंतुक पटल : 9
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on March 07, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on March 07, 2026 at 07:40 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]