08/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/11/2026 22:21
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दृष्टि, विचारों, वचनों और कर्मों से जन-मन जीतने की शक्ति को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
"हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है।
चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्।
प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।"
जो व्यक्ति अपने दृष्टिकोण, विचारों, वचनों और कर्मों से जन-मन जीतता है, वह बदले में उनका विश्वास, सम्मान और सद्भावना अर्जित करता है।
हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है।
चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्।
प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।। pic.twitter.com/KdortN0NpC
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