08/13/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/13/2026 10:10
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लॉगिन करेंजम्मू रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 1991 के जम्मू रेलवे स्टेशन बम ब्लास्ट मामले में 35 साल से फरार चल रहे एक आतंकी को गिरफ्तार कर लिया है। टाडा (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत वांछित यह आरोपी पिछले कई दशकों से अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था।
35 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी
गिरफ्तार किए गए आतंकी की पहचान अल्ताफ हुसैन शेख (पुत्र नजीर अहमद शेख) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अनंतनाग के मरहामा-बिजबेहरा का रहने वाला है। घटना के बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गया था और बाद में पहचान छिपाकर बिजबेहरा इलाके में खुद को एक सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित कर लिया था।
क्या था पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना 2 अप्रैल 1991 की है। जम्मू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर एक भीषण बम विस्फोट हुआ था। इस ब्लास्ट में दो अर्धसैनिक बल के जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 18 नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस वारदात के बाद जीआरपी जम्मू पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 07/1991 (धारा 307, 302, 120(बी) आरपीसी, 3/4 टाडा और 4/5 ईएसए के तहत) दर्ज की गई थी।
लंबे समय से चल रही थी तलाश
मामले की शुरुआती जांच के दौरान एक आरोपी अमान उल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, अल्ताफ हुसैन सहित तीन अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे थे, जिन्हें बाद में संबंधित अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
पिछले दो वर्षों में, जीआरपी जम्मू ने इन फरार आतंकियों को पकड़ने के लिए एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने बारीकी से खुफिया जानकारी जुटाई और अल्ताफ हुसैन शेख की नई पहचान व उसके ठिकानों का सत्यापन किया।
पुलिस टीम के इस लंबे और अथक प्रयास का परिणाम आखिरकार सामने आया। निर्दोष लोगों की जान लेने वाले इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए पुलिस ने उसे 13 अगस्त 2026 को टाडा कोर्ट में पेश किया।