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07/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/25/2026 16:14

'मान ली गई हैं हमारी मांगें': CJP ने किया विरोध प्रदर्शन खत्म करने का एलान, सरकार से क्या-क्या हुई बात

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'मान ली गई हैं हमारी मांगें': CJP ने किया विरोध प्रदर्शन खत्म करने का एलान, सरकार से क्या-क्या हुई बात?

Sat, 25 Jul 2026 05:38 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 25 Jul 2026 05:38 PM IST
सार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहा सीजेपी का आंदोलन केंद्र सरकार से वार्ता के बाद समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद सीजेपी ने प्रदर्शन वापस लेने का एलान किया। सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच क्या-क्या बात हुई? जानिए...

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सरकार और सीजेपी के बीच डील - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार खत्म हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को अपना आंदोलन तुरंत प्रभाव से वापस लेने का बड़ा एलान किया। यह घोषणा केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद हुई। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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बातचीत की टेबल पर क्या-क्या हुआ?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने शनिवार को सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सीजेपी के सौरव दास शामिल थे। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का तीसरा दौर सकारात्मक रहा। वार्ता के तुरंत बाद सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धरना समाप्त करने की घोषणा की। पार्टी ने देश भर से आए प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की है।
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सीजेपी प्रवक्ता ने क्या-क्या कहा?
सौरव दास ने सरकार से बातचीत की सारी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हमारी दूसरी मांग यह थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर न केवल दिल्ली में बल्कि सभी भाजपा-शासित और भाजपा-सहयोगी राज्यों में वापस ली जानी चाहिए। सरकार ने उस मांग को भी मान लिया है। साथ ही, इन्हें जल्द ही वापस ले लिया जाएगा।
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दास ने कहा कि सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी एफआईर की कॉपी शेयर करेगी। हमारी आखिरी जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं और हमें किसी भी हाल में तीन से चार दिनों के भीतर वे कॉपी मिल जाएंगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इन्हें जल्द ही वापस ले लिया जाएगा। इसे समझते हुए, हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट शेयर किया है। सरकार ने कहा है कि वह मंगलवार तक इसे हमारे साथ शेयर करेगी। हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन एफआईआर और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के संबंध में सरकार की गारंटी मिल जाएगी।



हम अपना आंदोलन वापस ले रहे: सौरव दास
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने यह भी कहा, 'कॉकरोच जनता पार्टी यह घोषणा करती है कि हम अच्छे विश्वास के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं और यह मानते हुए कि तय की गई शर्तों को तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाएगा।'

वहीं, सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के कहा कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार तीन दौर की चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर हमारा प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा था। हमारी तीन प्रमुख मांगें थीं। इनमें से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहली मांग थी। धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के साथ ही हमारी पहली मांग पहले ही मान ली गई।'

एक महीने बाद दोबारा होगी बैठक: रांका
आशुतोष रांका ने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार को 5-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है, जिस पर सरकार काम करने के लिए सहमत हो गई है। पीड़ित परिवारों को मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज कानूनी मामले वापस लेने जैसी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि इन सभी मुद्दों की प्रगति का समीक्षात्मक आंकलन करने के लिए सीजेपी की टीम अब एक महीने बाद सरकार के साथ फिर से बैठक करेगी।


क्या हैं इस पूरे घटनाक्रम की पांच बड़ी बातें?
  1. आंदोलन समाप्त: सीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी धरना तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया।
  2. बड़ा इस्तीफा: वार्ता से कुछ ही घंटे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से त्यागपत्र दे दिया।
  3. सफल वार्ता: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की तीसरे दौर की बातचीत सफल रही।
  4. घर वापसी की अपील: सीजेपी ने सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपने घर लौटने का आग्रह किया।
  5. एक महीने का गतिरोध खत्म: पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी राजनीतिक और सामाजिक गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया।


सरकार ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया: जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा, 'सीजेपी ने मुझे जो पांच-सूत्रीय चार्टर दिया है, वह शिक्षा परीक्षाओं में सुधार से संबंधित है। इस संबंध में हमारा कहना है कि हम शिक्षा परीक्षाओं में सुधार के लिए आपके चार्टर पर गंभीरता से विचार करेंगे और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद हम जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करने का प्रयास करेंगे। मुझे लगता है कि सरकार ने उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है और उन्हें स्वीकार भी किया है। '

हम उन्हें एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे: जेपी नड्डा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'आज हमारी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं। इसके साथ ही, हमने दो अन्य मांगों पर भी चर्चा की, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवजा दिया जाना चाहिए और उनके पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए। हम उन्हें एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह मुआवजे के संबंध में है।'

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है। हम सभी ने कहा है कि नियमों और विनियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा।

Amar Ujala Ltd published this content on July 25, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 25, 2026 at 22:14 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]