07/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/23/2026 17:16
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 1994 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति यानी एसीसी ने गुरुवार रात इस नियुक्ति को मंजूरी दी। गंगवार, विनीत जोशी की जगह लेंगे। वहीं विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग के सचिव के रूप में किया गया है।
नरेश पाल गंगवार इससे पहले मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे। अपने तीन दशक लंबे प्रशासनिक अनुभव में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहते हुए उन्होंने वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय नियमन और खतरनाक पदार्थों के प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर काम किया।
राजस्थान सरकार में भी गंगवार प्रमुख सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इतना ही नहीं, वर्ष 2010 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सौर मिशन के शुरुआती चरण में नीति निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऊर्जा, पर्यावरण और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उनका अनुभव अब उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में अहम माना जा रहा है।
अगर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो नरेश पाल गंगवार इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद आईआईटी दिल्ली से कम्युनिकेशन एवं रडार इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में भी पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तकनीकी और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों का यह अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में अहम साबित हो सकता है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब कथित नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर शिक्षा मंत्रालय लगातार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर है। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर बहस तेज है। छात्र संगठन लगातार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय में नए सचिव की नियुक्ति को सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाते हैं। फिलहाल, शिक्षा मंत्रालय का यह बदलाव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।