Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

04/02/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/02/2026 08:40

पीएम-वाणी योजना 4 लाख से ज़्यादा हॉटस्पॉट के साथ पूरे भारत में सरकारी वाई-फाई के विस्तार की प्रक्रिया को तेज़ कर रही है

संचार मंत्रालय

पीएम-वाणी योजना 4 लाख से ज़्यादा हॉटस्पॉट के साथ पूरे भारत में सरकारी वाई-फाई के विस्तार की प्रक्रिया को तेज़ कर रही है

प्रविष्टि तिथि: 02 APR 2026 6:21PM by PIB Delhi

सरकार 'प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफ़ेस' (पीएम-वाणी) योजना के ज़रिए पूरे देश में सरकारी वाई-फाई एक्सेस के विस्तार को बढ़ावा दे रही है। माननीय केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज राज्यसभा को लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इस योजना का उद्देश्य पूरे देश में सरकारी वाई-फाई नेटवर्क के ज़रिए ब्रॉडबैंड सेवाओं के प्रसार की प्रक्रिया को तेज़ करना है।

पीएम-वाणी फ्रेमवर्क के तहत28 फरवरी2026 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल4,09,403 पब्लिक डेटा ऑफ़िस(पीडीओ) / पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट चालू हैं। इसके अलावा, इस योजना के तहत207 पब्लिक डेटा ऑफ़िस एग्रीगेटर(पीडीओए) और113 ऐप प्रोवाइडर पंजीकृत हैं। इस योजना के तहत पीडीओ, पीडीओए और ऐप प्रोवाइडरों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के हिसाब से विवरण रखा जाता है। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाने में सबसे आगे रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि28 फरवरी2026 तक, पीएम-वाणी हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करने वाले इंटरनेट यूज़र्स की कुल संख्या2,44,67,896 है। यह पूरे देश में पब्लिक वाई-फाई सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के शुरू होने के बाद से पीएम-वाणी हॉटस्पॉट के ज़रिए लगभग58.64 पेटाबाइट डेटा इस्तेमाल किया गया है।

पीएम-वाणी ढांचा विकेंद्रीकृत और बाज़ार-आधारित मॉडल पर आधारित है। यह स्थानीय उद्यमियों को तकनीकी-व्यावसायिक व्यवहार्यता के आधार पर वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाने और चलाने के लिए प्रोत्साहित करता है। सरकार की भूमिका मुख्य रूप से नीतिगत सहायता देने की है।

पीएम-वाणी हॉटस्पॉट के विकास को और तेज़ करने के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाए हैं:

लागत कम करने के उपाय: पब्लिक डेटा ऑफ़िस(पीडीओ) को फ़ाइबर-टू--होम(एफटीटीएच) कनेक्शन का इस्तेमाल करके सेवाएँ देने और कई एक्सेस पॉइंट को एक ही बैकहॉल के ज़रिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से जोड़ने की अनुमति दी गई है।

आमदनी बढ़ाने के अवसर: पीडीओ को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को मोबाइल डेटा ऑफ़लोडिंग सेवाएँ देने की अनुमति दी गई है। पीडीओए और ऐप प्रोवाइडर को भी यूज़र की सहमति से प्रमोशनल और ब्रांडेड कंटेंट देने की अनुमति दी गई है।

बेहतर यूज़र अनुभव: मौजूदा घरेलू और व्यावसायिक वाई-फाई नेटवर्क को अब पीएम-वाणी इकोसिस्टम में एकीकृत किया जा सकता है। इसके अलावा, पीडीओए को आपस में रोमिंग सुविधा देने में सक्षम बनाया गया है, जिससे यूज़र अलग-अलग पीएम-वाणी हॉटस्पॉट पर बिना किसी रुकावट के कनेक्ट हो सकते हैं।

इसके अलावा, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण(ट्राई) ने16.06.2025 को जारी टैरिफ़ आदेश के ज़रिए यह अनिवार्य कर दिया है कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, पीडीओ को200 Mbps तक के रिटेल एफटीटीएच ब्रॉडबैंड प्लान उस टैरिफ़ पर उपलब्ध कराएँ जो संबंधित उपभोक्ता ब्रॉडबैंड टैरिफ़ के दोगुने से ज़्यादा हो। इससे पीएम-वाणी इकोसिस्टम की किफ़ायत और व्यावहारिकता में सुधार होगा

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पीके/केसी/पीके


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