02/10/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/10/2026 00:23
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषित का पाठ साझा किया है जिसमें धरती मां के अनुग्रह का उल्लेख किया गया है।
"अस्मे वोऽअस्तविन्द्रियमस्मे नृम्णमुत् क्रतुस्मामे वर्चंसि सन्तु वः।"
नमो मात्रे पृथिव्यै नमो मातै पृथिव्याऽ इयंते रद् यन्तसि यमनो ध्रुवोसि ध्रुणः कृष्यै त्वा क्षेमाय त्वा रयै त्वा पोषाय त्वा॥"
इस सुभाषित में कहा गया है, "हम धरती माता को प्रणाम करते हैं जिनसे हमें धन और जीवन के लिए आवश्यक साधन प्राप्त होते हैं। आप अटल हैं, सब कुछ धारण करती हैं और संतुलन बनाए रखती हैं। हम कृषि, समृद्धि और अपने पोषण के लिए आपकी शरण में हैं।"
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा-
"अस्मे वोऽअस्तिविन्द्रियमस्मे नृम्णमुत् क्रतुस्मामे वर्चंसि सन्तु वः।
नमो मात्रे पृथिव्यै नमो मातै पृथिव्याऽ इयंते रद् यन्तसि यमनो ध्रुवोसि ध्रुणः कृष्यै त्वा क्षेमाय त्वा रयै त्वा पोषाय त्वा॥"
अस्मे वोऽअस्त्विन्द्रियमस्मे नृम्णमुत क्रतुरस्मे वर्चांसि सन्तु वः।
नमो मात्रे पृथिव्यै नमो मात्रै पृथिव्याऽ इयन्ते राड् यन्तासि यमनो ध्रुवोसि धरुणः कृष्यै त्वा क्षेमाय त्वा रय्यै त्वा पोषाय त्वा॥ pic.twitter.com/yvqxMMPntU
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