Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

04/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/28/2026 05:52

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण तटीय रेलवे और आंध्र प्रदेश में इसके व्यापक विस्तार के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी करने के संबंध में घोषणा की

रेल मंत्रालय

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण तटीय रेलवे और आंध्र प्रदेश में इसके व्यापक विस्तार के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी करने के संबंध में घोषणा की


मंत्री महोदय ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है जिससे यह रेलवे के आधुनिकीकरण वाले अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है

प्रविष्टि तिथि: 28 APR 2026 2:24PM by PIB Delhi

रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी जो 1 जून, 2026 से प्रभावी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट आवंटन प्राप्त हुआ है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए संयुक्त रूप से विगत वर्षों में आवंटित 886 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है ।

उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ पूरे राज्य में संपर्क को बढ़ाना है।

मंत्री महोदय ने अवसंरचना संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इस बात पर बल दिया कि आंध्र प्रदेश में 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण और पूर्णतः पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने इसे देश में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

उन्होंने और जानकारी देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में:

  • 832 फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण पूरे हो चुके हैं
  • 299 फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माणाधीन हैं
  • 1,759 किलोमीटर रेल पटरियों को बिछाने का काम पूरा हो चुका है
  • 3,300 किलोमीटर पटरियों का निर्माण कार्य चल रहा है।

मंत्री महोदय ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है जिससे यह रेलवे के आधुनिकीकरण के मामले में अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है।

मंत्री महोदय ने यात्री सेवाओं के संबंध में बताया कि वर्तमान में राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं जिससे यात्रा की क्षमता और सुविधा में वृद्धि हुई है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि पूरे ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार-लाइन वाले नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है जिससे इसकी क्षमता दोगुनी होने और 500 नई ट्रेनों के संचालन को सक्षम बनाने की उम्मीद है।

मंत्री महोदय ने इस बात पर भी बल दिया कि ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर के साथ बंदरगाहों, पर्यटन केंद्रों और प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए मालवाहक और कंटेनर ट्रेन सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है जिससे लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने भविष्य में हाई-स्पीड रेल संपर्क के बारे में बात करते हुए प्रमुख दक्षिणी गलियारों में प्रस्तावित हाई-स्पीड संपर्क और यात्रा समय के बारे में विस्तार से बताया:

अमरावती से हैदराबाद - लगभग 70 मिनट

अमरावती से चेन्नई - लगभग 112 मिनट

हैदराबाद से पुणे - लगभग 1 घंटा 55 मिनट

पुणे से मुंबई - लगभग 48 मिनट

चेन्नई से बेंगलुरु - लगभग 73 मिनट

हैदराबाद से बेंगलुरु - लगभग 2 घंटे 8 मिनट

उन्होंने इस नेटवर्क को "हाई-स्पीड डायमंड" के रूप में वर्णित किया जो दक्षिण भारत में गतिशीलता, आर्थिक एकीकरण और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि करेगा।

मंत्री महोदय ने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें आंध्र प्रदेश को रेलवे और लॉजिस्टिक्स के प्रमुख केंद्र में परिवर्तित करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय एकीकरण को गति देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार संतुलित विकास और लोक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार बुनियादी ढांचे के विकास और जन कल्याण के मामले में दक्षिणी राज्यों के साथ पूर्ण रूप से न्याय करेगी। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, कि विपक्षी दल विकास संबंधी मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

****

पीके/केसी/केके/एनजे


(रिलीज़ आईडी: 2256284) आगंतुक पटल : 6
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Gujarati , Kannada
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on April 28, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on April 28, 2026 at 11:52 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]