03/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/17/2026 05:49
सरकार अपनी वेबसाइटों, सोशल मीडिया, मोबाइल एप्लिकेशन, विज्ञापनों और प्रिंट, आउटडोर, टेलीविजन, रेडियो आदि जैसे संचार माध्यमों का उपयोग करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) पर राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम चलाती है। ये कार्यक्रम सीबीसी और इसकी सूचीबद्ध एजेंसियों, भारतीय राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी), दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो(एआईआर), राज्य नोडल एजेंसियों (एसएनए), शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के माध्यम से संचालित किए जाते हैं।
राज्य नोडल एजेंसियों/डिस्कॉमों को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित अपने राज्यों में आईईसी गतिविधियों को संचालित करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को धनराशि दी गई है। विभिन्न राज्य नोडल एजेंसियों/डिस्कॉमों द्वारा एमएनआरई की सभी योजनाओं के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए होर्डिंग्स/बैनर, प्रिंट विज्ञापन, रेडियो जिंगल, मेले, सूर्य रथ आदि प्रचार गतिविधियों का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय समय-समय पर देश भर में कई समीक्षा बैठकें, क्षमता निर्माण कार्यशालाएं और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली और रुड़की जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान (एनएसटीआई), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी), राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई), ग्रीन जॉब्स कौशल परिषद(एससीजीजे) और अन्य क्षेत्रीय कौशल परिषदें (एसएससी) आदि पाठ्यक्रम सहायता या विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा जागरूकता में शामिल हैं। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:-
यह जानकारी केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रस्तुत की।
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