Amar Ujala Ltd

08/15/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/14/2026 17:02

President Draupadi Murmu Speech:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवा-महिला नेतृत्व को दिया ये खास संदेश!


स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी भारत के भविष्य निर्माता हैं और उनके वर्तमान तथा भविष्य की सुरक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों का सम्मिलित प्रयास जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समाज का एकजुट रहना आवश्यक है, उसी तरह विद्यार्थियों के हितों और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षाओं को विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलने वाला माध्यम बताया। राष्ट्रपति के अनुसार, सार्वजनिक परीक्षाएं युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा के आधार पर अवसर हासिल करने का रास्ता प्रदान करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के प्रयासों और देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण युवाओं के लिए रोजगार और विकास के अनेक प्रकार के अवसर पैदा हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत के युवा प्रतिभाशाली, समर्पित और कुशल हैं। उन्होंने युवाओं को देश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं की बढ़ती भूमिका और आर्थिक सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक निर्भरता कम करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के साथ-साथ यह भी देखने को मिल रहा है कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उन्होंने मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारतीय गणतंत्र की विशेष सफलता बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देश की लोकतांत्रिक मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण कदम का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व आरक्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राष्ट्रपति के संबोधन में विद्यार्थियों के भविष्य, युवाओं के लिए अवसर और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देश की नई पीढ़ी की क्षमता पर विश्वास जताया और कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, समर्पण और कौशल के दम पर देश को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का यह संबोधन देश के युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं की भूमिका तथा उनके लिए सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के सामूहिक प्रयासों पर केंद्रित रहा।

Amar Ujala Ltd published this content on August 15, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 14, 2026 at 23:02 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]