08/15/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/14/2026 17:02
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं की बढ़ती भूमिका और आर्थिक सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक निर्भरता कम करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के साथ-साथ यह भी देखने को मिल रहा है कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उन्होंने मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारतीय गणतंत्र की विशेष सफलता बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देश की लोकतांत्रिक मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण कदम का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व आरक्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राष्ट्रपति के संबोधन में विद्यार्थियों के भविष्य, युवाओं के लिए अवसर और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देश की नई पीढ़ी की क्षमता पर विश्वास जताया और कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, समर्पण और कौशल के दम पर देश को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का यह संबोधन देश के युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं की भूमिका तथा उनके लिए सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के सामूहिक प्रयासों पर केंद्रित रहा।