Amar Ujala Ltd

09/22/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/22/2026 03:36

चांदी वायदा में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट: एमसीएक्स पर ₹1,743 टूटकर ₹2.37 लाख पर आए भाव, जानें क्या कारण

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चांदी वायदा में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट: एमसीएक्स पर ₹1,743 टूटकर ₹2.37 लाख पर आए भाव, जानें क्या कारण

Tue, 22 Sep 2026 02:36 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 22 Sep 2026 02:36 PM IST
सार

एमसीएक्स पर चांदी वायदा ₹1,743 टूटकर ₹2.37 लाख प्रति किग्रा पर पहुंची। अमेरिकी फेड के सख्त रुख, दरों में बढ़ोतरी और कॉमेक्स ट्रेंड्स के बीच जानिए गिरावट की पूरी वजह और बाजार का आगे का रुख।

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चांदी के वायदा बाजार में गिरावट। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

वायदा बाजार में चांदी की चमक लगातार दूसरे सत्र में फीकी पड़ती नजर आई है। मंगलवार को घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के भाव में करीब 1 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) द्वारा अपनी सख्त मौद्रिक नीति को जारी रखते हुए नीतिगत ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं से सर्राफा बाजार पर दबाव बढ़ गया है।

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एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी वायदा अनुबंध में ₹1,743 की नरमी आई, जिसके बाद भाव घटकर ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर सेंटिमेंट रहने से निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक के आगामी नीतिगत संकेतों की ओर टिक गया है।
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वायदा बाजार और एमसीएक्स पर कितनी गिरावट दर्ज की गई?

एमसीएक्स पर उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी वायदा में बिकवाली का माहौल रहा।

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  • एमसीएक्स पर गिरावट: दिसंबर वायदा अनुबंध में चांदी प्रति किलोग्राम ₹1,743 (लगभग 1 प्रतिशत) सस्ती हुई।
  • मौजूदा भाव: इस गिरावट के बाद एमसीएक्स पर चांदी वायदा का भाव घटकर ₹2,37,574 प्रति किलोग्राम पर आ गया।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स): विदेशी बाजारों में भी सर्राफा धातुओं में नरमी देखी गई। न्यूयॉर्क में कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला चांदी वायदा अनुबंध 1 प्रतिशत टूटकर 65.75 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

चांदी की कीमतों में आई इस लगातार गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितता है। ऑग्मोंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चैनानी के अनुसार, "एमसीएक्स चांदी वायदा को नए मोमेंटम के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखे जाने की बढ़ती संभावनाओं ने बाजार धारणा को प्रभावित किया है"।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी की थी और आने वाले महीनों में दरों में और वृद्धि के संकेत दिए थे। चूंकि ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज वाली कमोडिटीज (जैसे सोना और चांदी) में होल्डिंग कॉस्ट बढ़ जाती है, इसलिए वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

कमोडिटी बाजार और निवेशकों के लिए आगे के क्या संकेत हैं?

चालू सप्ताह के दौरान अमेरिका से कोई बड़ा प्रमुख आर्थिक आंकड़ा जारी नहीं होना है, इसलिए बाजार सहभागियों की निगाहें पूरी तरह से फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के आगामी वक्तव्यों पर टिकी हैं।

  • अक्तूबर में रेट हाइक पर नजर: निवेशक फेड अधिकारियों के बयानों से यह समझने का प्रयास करेंगे कि क्या अक्तूबर की बैठक में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी संभव है।
  • कच्चे तेल की कीमतें: फेड अधिकारियों की टिप्पणियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल भी चांदी और कमोडिटी बाजार का रुख तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
  • नीतिगत स्पष्टता का इंतजार: विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जब तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक का रुख पूरी तरह साफ नहीं होता, तब तक सर्राफा बाजार में नया सकारात्मक मोमेंटम बनना कठिन रहेगा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख और वैश्विक बाजारों में बिकवाली से घरेलू वायदा बाजार में चांदी बैकफुट पर आ गई है। जब तक अक्तूबर की नीतिगत बैठक और अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर स्पष्टता नहीं मिल जाती, तब तक कमोडिटी बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने का अनुमान है।

Amar Ujala Ltd published this content on September 22, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 22, 2026 at 09:36 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]