05/20/2026 | Press release | Distributed by Public on 05/21/2026 03:40
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आज रोम स्थित खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत और वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके असाधारण नेतृत्व को मान्यता देते हुए प्रदान किया गया है।
प्रधानमंत्री ने एफएओ के महानिदेशक डॉ. क्वू डोंग्यू से यह पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने यह सम्मान भारतीय किसानों और भारतीय कृषि वैज्ञानिक समुदाय को समर्पित किया, जो भारतीय लोगों के साथ-साथ विश्वभर के लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करते हैं। उन्होंने बताया कि यह सम्मान मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की दृढ़ता के प्रति आदर को दर्शाता है। भारत में किसानों के जीवन के महत्व को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि धरती माता और भारतीय जनता के बीच एक पवित्र बंधन है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का वैज्ञानिक और नवाचार आधारित कृषि का दृष्टिकोण एक टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम को बढ़ावा दे रहा है। इस दिशा में, उन्होंने बताया कि 'हर बूंद से अधिक फसल' जैसी पद्धतियां और सूक्ष्म सिंचाई एवं सटीक खेती के लिए मिशन-आधारित दृष्टिकोण भारत की कृषि नीतियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी आधारित कृषि समाधानों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-आधारित चेतावनी प्रणालियां, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग तकनीक और सेंसर-आधारित मशीनरी भारतीय किसानों को भरपूर फसल और अधिक आय प्राप्त करने में मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, भारत ने लगभग 3,000 जलवायु-अनुकूल फसल की किस्में विकसित की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विज्ञान-आधारित कृषि विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर रही है।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि एफएओ के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत को वैश्विक खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और भुखमरी से मुक्त विश्व को बढ़ावा देने के लिए संगठन के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के उत्सव के माध्यम से स्वस्थ भोजन के विकल्पों को बढ़ावा देने हेतु भारत के साथ काम करने के लिए एफएओ को धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी का एफएओ मुख्यालय का दौरा पिछले 30 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष का पहला दौरा है।
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