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08/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/24/2026 12:03

US ने देशों को दी चेतावनी: स्कॉट बेसेंट बोले- ईरान से तोड़ें संबंध या लगाएंगे प्रतिबंध; चीन को लेकर क्या कहा

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US ने देशों को दी चेतावनी: स्कॉट बेसेंट बोले- ईरान से तोड़ें संबंध या लगाएंगे प्रतिबंध; चीन को लेकर क्या कहा?

Mon, 24 Aug 2026 11:13 PM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 24 Aug 2026 11:13 PM IST
सार

अमेरिका ने ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए नई रणनीति की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक ट्रेजरी विभाग ने उन नेटवर्क और माध्यमों की पहचान की है, जिनके जरिए तेहरान तेल कारोबार और प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करता है। अमेरिकी एजेंसियां संबंधित देशों के अधिकारियों से संपर्क कर उनसे इन गतिविधियों पर रोक लगाने की अपेक्षा जता रही हैं।

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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष अब आर्थिक टकराव की ओर मुड़ गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले बड़े वित्तीय अभियान की घोषणा की है। वहीं, तेहरान ने जवाब में तेल निर्यात रोकने की धमकी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका दुनियाभर में ईरान के वित्तीय संपर्कों के खिलाफ "आर्थिक हमला" शुरू कर रहा है।
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स्कॉट बेसेंट ने कहा, "हमारा उद्देश्य इस तानाशाही शासन को बनाए रखने वाली हर आर्थिक जीवनरेखा को काटना है, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अलग-थलग न पड़ जाए।" उन्होंने कहा कि अमेरिकी 'ऑपरेशन इकनॉमिक आउटकास्ट' के तहत वित्त विभाग ने उन सभी माध्यमों, मददगारों और नेटवर्क की पहचान कर ली है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल की तस्करी और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता रहा है।
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हर देश के लिए गतिविधियां बंद करने की समयसीमा तय
अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा कि ट्रेजरी विभाग की ओर से चिन्हित गतिविधियों को बंद करने के लिए प्रत्येक देश के लिए तय समयसीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा, "ट्रेजरी, विदेश विभाग और अमेरिकी सेना की टीमें अब दुनियाभर में अपने समकक्षों से मुलाकात कर रही हैं और उन्हें बता रही हैं कि अमेरिका कार्रवाई की उम्मीद करता है।" उन्होंने कहा, "घड़ी की सुई अब चलना शुरू हो गई है।"
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बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर के नेताओं को फोन कर रहे हैं और उनसे तेहरान के साथ अपने संबंध खत्म करने का "विशेष अनुरोध" कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सप्ताहांत में ही इसके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। हालांकि, उन्होंने इन परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

उन्होंने ने कहा, "जो लोग अमेरिका के साथ खड़े होंगे, उन्हें हमारी साझेदारी का लाभ मिलेगा। जो लोग ईरानी शासन से खुद को जोड़ेंगे, उन्हें कमजोर पड़ रहे शासन के साथ बढ़ते अलगाव का सामना करने की उम्मीद करनी चाहिए।"

चीनी बैंकों पर सवाल, बेसेंट ने 'शांत कूटनीति' का दिया हवाला
चीनी बैंकों को कुछ लक्षित संस्थानों की सूची में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर बेसेंट ने कहा, "हम आज यहां यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि कोई भी अमेरिकी प्रतिबंधों की पहुंच से बाहर नहीं है।" उन्होंने कहा, "हम पाते हैं कि देशों के साथ जुड़ने का सबसे अच्छा तरीका शांत कूटनीति है। हम हर देश के साथ अपनी अपेक्षाओं को स्पष्ट कर रहे हैं। हम जानते हैं कि वे कौन हैं। वे जानते हैं कि वे कौन हैं।"

बेसेंट पहले भी चीन से सहयोग की अपील कर चुके हैं। चीन पिछले कई वर्षों से ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। हालांकि, जुलाई के मध्य में फिर से लागू हुई ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी से चीन को ईरानी तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित हुई है।

ईरान से जुड़े देशों के नाम बताने से बेसेंट का इनकार
बेसेंट ने पहले बताया था कि ट्रंप दुनियाभर के नेताओं को फोन कर ईरान के साथ संबंध खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि ट्रंप ने किन देशों के नेताओं से संपर्क किया है, तो बेसेंट ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम नाम नहीं बताएंगे।"

बेसेंट ने कहा, "हम विदेश विभाग और अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से होने वाली यात्राओं और फोन कॉल के जरिए उनके फोन के बाद संपर्क कर रहे हैं। हम नेताओं, देशों और संस्थाओं को बता रहे हैं कि हम उनसे क्या चाहते हैं और इसके लिए क्या समयसीमा है।" उन्होंने कहा कि अगर संबंधित पक्ष तेजी से कार्रवाई नहीं करते हैं तो उन्हें अपने कदमों के "नतीजे भुगतने होंगे।" बेसेंट ने कहा, "मैं समयसीमा तय नहीं करने जा रहा हूं। लेकिन हमारे पास यहां अनंत धैर्य नहीं है।"

ईरान से जुड़े करीब 60 संस्थानों, लोगों और जहाजों पर प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान से जुड़े करीब 60 संस्थानों, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें ईरान के परमाणु, मिसाइल, साइबर और तेल क्षेत्रों से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया है। ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन प्रतिबंधों के दायरे में ऐसी ब्रोकर कंपनियों का नेटवर्क भी शामिल है, जो संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूरोप में ईरान के "शैडो फ्लीट" को सहायता देता है।

अमेरिका ने डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और शिपिंग से जुड़ी ईरान की गतिविधियों को भी निशाना बनाया है। उसने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों पर भी द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ट्रेजरी विभाग ने कहा कि उसने ईरान को कुछ तरह के धन प्रेषण की अनुमति देने वाले सामान्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं। इससे तेहरान पर वित्तीय दबाव और बढ़ गया है।
Amar Ujala Ltd published this content on August 24, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 24, 2026 at 18:04 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]