Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

08/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/08/2026 22:32

केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम)

PIB Backgrounder

केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम)

प्रविष्टि तिथि: 09 AUG 2026 9:56AM by PIB Delhi

केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) ने डिजिटल नवाचार, संस्थागत सुधारों और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदान करने की व्यवस्था के माध्यम से भारत में जन शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया को नई दिशा प्रदान की है। यह प्रणाली सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एकीकृत मंच पर जोड़ते हुए शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निवारण को सुनिश्चित करती है। साथ ही, यह जवाबदेही, पारदर्शिता एवं सुशासन को सुदृढ़ बनाती है और यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए तथा उस पर आवश्यक व समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

सीपीग्राम: जवाबदेह शासन के माध्यम से नागरिकों का सशक्तिकरण

जन शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निवारण जवाबदेह, पारदर्शी और सुशासन की आधारशिला है। यह नागरिकों को सरकारी सेवाओं से संबंधित अपनी शिकायतें व सुझाव प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है तथा यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी संस्थान नागरिकों के प्रति उत्तरदायी, पारदर्शी और सुलभ बने रहें।

केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) भारत सरकार का प्रमुख डिजिटल जन शिकायत निवारण मंच है। नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध यह एकीकृत पोर्टल सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को एक मंच पर जोड़ता है, जिससे जन शिकायतों का त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निवारण सुनिश्चित होता है।

नागरिक सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित अपनी शिकायतें इस मंच पर दर्ज करा सकते हैं तथा पारदर्शी एवं प्रौद्योगिकी-संचालित प्रक्रिया के माध्यम से उनके निवारण की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पिछले एक दशक में सीपीग्राम एक साधारण शिकायत पंजीकरण पोर्टल से विकसित होकर सुशासन का एक व्यापक डिजिटल मंच बन गया है। यह डिजिटल नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और नागरिकों से प्राप्त प्रतिपुष्टि का उपयोग करते हुए सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के साथ-साथ उसमें निरंतर सुधार सुनिश्चित करता है।

सीपीग्राम का उन्नयन

वर्ष 2014 से भारत की जन शिकायत निवारण व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पहले यह व्यवस्था बिखरी हुई और मुख्यतः मैन्युअल प्रक्रियाओं पर आधारित थी, लेकिन आज यह प्रौद्योगिकी-संचालित, एकीकृत प्रणाली के रूप में विकसित हो चुकी है, जिसका प्रमुख उद्देश्य कार्यकुशलता, पारदर्शिता व नागरिक संतुष्टि सुनिश्चित करना है।

प्रत्येक वर्ष निस्तारित की जाने वाली शिकायतों की संख्या में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में जहां लगभग 3.01 लाख शिकायतों का निस्तारण हुआ था, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 27 लाख हो गई। यह परिवर्तन जन शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति नागरिकों के बढ़ते विश्वास और इसकी प्रभावशीलता का स्पष्ट प्रमाण है।

शिकायत निवारण तंत्र का भी व्यापक विस्तार हुआ है। शिकायत निवारण अधिकारियों की संख्या वर्ष 2014 में 10,232 से बढ़कर वर्ष 2025 तक 1.11 लाख से अधिक हो गई है।

इन सुधारों के परिणामस्वरूप सेवा वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी हुई है और शिकायतों के निस्तारण में होने वाली देरी में उल्लेखनीय कमी आई है। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में शिकायतों के समाधान में लगने वाला औसत समय वर्ष 2014 में 157 दिन से घटकर वर्ष 2025 में केवल 15 दिन रह गया है।

सीपीग्राम की कार्यप्रणाली

केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) एक व्यापक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करती है, जो शिकायतों के प्रभावी, सरल और समयबद्ध समाधान के लिए प्रौद्योगिकी, जवाबदेही तथा नागरिक सहभागिता को एकीकृत करती है।

  • पंजीकरण: नागरिक एक बार पंजीकरण करने के बाद सीपीग्राम पोर्टल https://pgportal.gov.in/ पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वे सीपीग्राम मोबाइल ऐप (जो उमंग मंच से भी जुड़ा हुआ है) के माध्यम से या देशभर में 2.5 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमियों वीएलई से जुड़े 5 लाख से अधिक सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। डाक के माध्यम से प्राप्त होने वाली ऑफलाइन शिकायतों को डिजिटल रूप में परिवर्तित कर प्रणाली पर अपलोड किया जाता है।
  • स्वचालित मार्ग निर्धारण एवं वर्गीकरण: यह प्रणाली शिकायतों को संबंधित अधिकारी तक स्वतः पहुंचाने के लिए अंतिम स्तर के शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) की मैपिंग की सुविधा प्रदान करती है। सीपीग्राम में दर्ज शिकायत की स्थिति को शिकायतकर्ता को पंजीकरण के समय प्राप्त विशिष्ट पंजीकरण संख्या के माध्यम से आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
  • 21 दिनों में समाधान: अगस्त 2024 में जारी जन शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए व्यापक दिशा-निर्देशों के अंतर्गत शिकायतों के निवारण की समय-सीमा को 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया गया है। इन दिशा-निर्देशों में विशेष शिकायत प्रकोष्ठों की स्थापना, समस्या के मूल कारणों की पहचान और मामलों के उन्नयन (एस्केलेशन) की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना अनिवार्य किया गया है। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में शिकायतों के निपटारे में लगने वाला औसत समय वर्ष 2014 के 157 दिनों से घटकर वर्ष 2025 में 15 दिन रह गया है।
  • प्रतिपुष्टि और अपील: शिकायत के समाधान के बाद, एक विशेष प्रतिपुष्टि कॉल सेंटर नागरिकों से सीधे संपर्क कर उनकी संतुष्टि का आकलन करता है। यदि नागरिक समाधान से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे अपील की व्यवस्था के माध्यम से मामले को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसी अपीलों का निपटारा संबंधित नोडल अपीलीय प्राधिकारी द्वारा किया जाता है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर अपील का समाधान सुनिश्चित करना होता है।

निम्नलिखित विषयों से संबंधित शिकायतों पर समाधान के लिए विचार नहीं किया जाता है:

• सूचना का अधिकार (आरटीआई) से संबंधित मामले

• न्यायालय से संबंधित अथवा विचाराधीन मामले

• धार्मिक मामलों से संबंधित विषय

• सरकारी कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतें,जिनमें अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

सीपीग्राम का प्रभाव: गुजरात में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना

श्री हर्ष ने गुजरात के राजकोट स्थित आशापुरी चौकड़ी पुल के निकट एक व्यस्त राजमार्ग पर सड़क की असुरक्षित स्थिति, खराब रखरखाव तथा अपर्याप्त सुरक्षा उपायों से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। इस मामले को सीपीग्राम के माध्यम से संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाया गया। समीक्षा के उपरांत निर्माण कार्यों को व्यवस्थित किया गया, अंडरपास को आम जनता के लिए खोल दिया गया तथा लंबित कार्यों में तेजी लाई गई। इसके अतिरिक्त, बैरिकेड, परावर्तक संकेतक, चेतावनी संकेतक और यातायात मार्शल जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया गया। शिकायत का पूर्ण समाधान मात्र 4 दिनों के भीतर सुनिश्चित कर दिया गया।

प्रमुख उपलब्धियों का अवलोकन

सूचक

आंकड़ा

शिकायतों का समाधान (जून 2026)

1,99,968

लगातार कई महीनों से प्रत्येक माह 1 लाख से अधिक मामलों का निपटारा

46 महीने

निपटारे में लगने वाला औसत समय (2026)

14 दिन

नागरिक संतुष्टि दर (जनवरी-जून 2026)

76%

नए उपयोगकर्ता पंजीकरण (जून 2026)

83,544

सीपीग्राम पर मैप किए गए शिकायत निवारण अधिकारी (जून 2026 तक)

1,09,125

जन शिकायतों के निवारण में बदलाव: 10-चरणीय सुधार कार्यक्रम

सीपीग्राम के विकास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन तब आया, जब प्रधानमंत्री की समीक्षा के बाद वर्ष 2022 में '10-चरणीय सुधार कार्यक्रम' शुरू किया गया। इसके बाद से निरंतर निगरानी और लक्षित सुधारों के माध्यम से शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। इन गतिविधियों ने प्रणाली को अधिक कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सुधार के ढांचे में दस मुख्य उपाय शामिल हैं:

सीपीग्राम 7.0 का व्यापक विस्तार

सीपीग्राम 7.0 के व्यापक विस्तार से शिकायतों को संबंधित अधिकारी तक स्वचालित रूप से पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध हुई, जिससे पहले अपनाई जाने वाली मैन्युअल प्रक्रिया की आवश्यकता कम हो गई। वर्ष 2022 तक सभी केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों को इस मंच से जोड़ दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिकायतों का निपटारा अधिक तेज, प्रभावी और सुव्यवस्थित तरीके से होने लगा।

तकनीकी सुधार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग को शामिल करने से वास्तविक समय में विश्लेषण, पैटर्न की पहचान व प्रणालीगत समस्याओं का पता लगाने की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी है। उन्नत डैशबोर्ड और डेटा विश्लेषण आधारित प्रणालियां साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने तथा सार्वजनिक सेवा वितरण में निरंतर सुधार करने में सहायक हैं। समस्याओं के मूल कारणों की पहचान और नीतिगत सुधारों के माध्यम से यह प्रणाली शिकायतों के प्रभावी समाधान के साथ-साथ शासन व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित करती है।

भाषाई समावेशिता

शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के लिए सीपीग्राम अंग्रेज़ी के अतिरिक्त 22 अनुसूचित भाषाओं में भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है। भाषिणी के साथ एकीकरण के माध्यम से शिकायत निवारण अधिकारी नागरिकों द्वारा उपयोग की गई भाषा में ही उत्तर प्रदान करने में सक्षम होते हैं, जिससे संवाद अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनता है।

शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई)

प्रदर्शन मूल्यांकन ढांचे के रूप में शुरू किया गया जीआरएआई मंत्रालयों और विभागों में शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करता है। यह बेहतर कार्यकुशलता, जवाबदेही और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक है।

प्रतिपुष्टि कॉल सेंटर

प्रतिपुष्टि कॉल सेंटर समाधान की गई शिकायतों के संबंध में नागरिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करता है। इससे सेवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने, नागरिक संतुष्टि का आकलन करने तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया में सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिलती है।

एक राष्ट्र-एक पोर्टल

सीपीग्राम के साथ राज्यों के शिकायत पोर्टलों और अन्य सरकारी मंचों के एकीकरण से देशभर में शिकायत निवारण के लिए एक एकीकृत, सुव्यवस्थित और प्रभावी प्रणाली विकसित हुई है। यह पहल नागरिकों को एक ही मंच के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने में सहायक है।

समावेशिता और पहुंच

सीपीग्राम ने सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के साथ जुड़कर अपनी शिकायत निवारण सेवाओं की पहुंच का विस्तार किया है। इसके माध्यम से ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक भी आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और सरकारी सेवाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

'सेवोत्तम' ढांचे के अंतर्गत आयोजित नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम शिकायत निवारण अधिकारियों की क्षमताओं को सुदृढ़ करते हैं तथा शिकायतों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और नागरिक-केंद्रित समाधान को सुनिश्चित करने में सहायता प्रदान करते हैं।

निगरानी और समीक्षा

मासिक प्रदर्शन रिपोर्ट, समीक्षा बैठकों तथा नोडल शिकायत अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाता है। यह प्रक्रिया शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निवारण को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डेटा रणनीति इकाई

डीएआरपीजी के अंतर्गत एक समर्पित डेटा रणनीति इकाई उन्नत विश्लेषण तकनीकों का उपयोग करते हुए रुझानों की पहचान करती है, नीतिगत सुधारों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराती है तथा शिकायत निवारण प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने में सहायता प्रदान करती है।

समाधान दीदी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से शिकायत निवारण को जन-जन तक पहुंचाना

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में, सरकार ने 30 मई 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सीपीग्राम वॉयस चैटबॉट "समाधान दीदी" का शुभारंभ किया।

यह पहल शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाते हुए जन शिकायतों के समाधान को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिक अब जटिल प्रपत्रों या प्रशासनिक श्रेणियों की प्रक्रिया में उलझे बिना, अपनी पसंदीदा भाषा में बोलकर आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

यह चैटबॉट उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भाषिणी की वाक्-से-पाठ, पाठ-से-वाक्, अनुवाद और लिप्यंतरण क्षमताओं के साथ एकीकृत करता है। नागरिकों की समस्याओं का विश्लेषण करके यह प्रणाली स्वतः संबंधित मंत्रालय, विभाग, श्रेणी व उप-श्रेणी की पहचान करती है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी प्राप्त करती है।

भाषिणी के माध्यम से वर्तमान में उपलब्ध 22 भाषाओं की सहायता के अतिरिक्त, अन्य क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को शामिल करने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच में भाषा कोई बाधा न बने और प्रत्येक व्यक्ति अपनी भाषा में आसानी से शिकायत दर्ज करा सके।

अगली पीढ़ी के सीपीग्राम का विकास

डीएआरपीजी 'नेक्स्ट जेनरेशन सीपीग्राम' पहल को आगे बढ़ा रहा है। यह एक प्रमुख परियोजना है, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत की जन शिकायत निवारण प्रणाली को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना है।

पहुंच, दक्षता और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए विकसित किया जा रहा यह मंच नागरिकों को शिकायत निवारण का अधिक सरल, सुगम व नागरिक-केंद्रित अनुभव प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

विकास प्रक्रिया में पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की जा चुकी है। इसके संचालन में आने के बाद, अगली पीढ़ी के सीपीग्राम में कई उन्नत सुविधाएं शामिल होंगी, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:

• आवाज के माध्यम से शिकायत दर्ज करने और चैटबॉट सहायता की सुविधा

• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित शिकायत वर्गीकरण और इंटेलिजेंट राउटिंग

• राज्य स्तरीय शिकायत श्रेणियों का एकीकृत मंच पर समावेशन

• अंग्रेजी के अतिरिक्त 22 अनुसूचित भाषाओं में सहायता

• ईमेल, सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप के माध्यम से बहु-माध्यमीय शिकायत दर्ज करने की सुविधा

• शिकायतों के समयबद्ध निवारण के लिए स्वचालित उन्नयन (एस्केलेशन) प्रणाली

• दिव्यांग नागरिकों के लिए सुलभता सुविधा

• वास्तविक समय विश्लेषण और रिपोर्टिंग डैशबोर्ड

• समाधान की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने तथा बिना प्रभावी समाधान के स्थानांतरित या बंद किए गए मामलों की पहचान के लिए एआई-आधारित शिकायत समाधान सत्यापन प्रणाली

ऐसी आशा है कि अगली पीढ़ी का सीपीग्राम नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को और सशक्त करेगा तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक सुलभ, त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली एवं पारदर्शी बनाएगा।

नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त बनाना

पिछले दशक में सीपीग्राम दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल जन शिकायत निवारण मंचों में से एक के रूप में उभरा है। निरंतर सुधारों, तकनीकी नवाचारों और नागरिक संतुष्टि पर विशेष ध्यान के माध्यम से इस मंच ने नागरिकों के सरकारी संस्थानों के साथ जुड़ने के तरीके में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।

समयबद्ध शिकायत निवारण, जवाबदेही को बढ़ावा देने तथा नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर सेवा वितरण में निरंतर सुधार के माध्यम से सीपीग्राम ने उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था की नींव को सुदृढ़ किया है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत@2047' के विजन की ओर आगे बढ़ रहा है, सीपीग्राम यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है कि एक कुशल, पारदर्शी व सुलभ शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक नागरिक की बात सुनी जाए और उस पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

संदर्भ

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय

https://pgportal.gov.in/

DARPG_Monthly_Report_Central_April_2026.pdf

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2266985®=3〈=1

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पीआईबी शोध

पीके/केसी/एनके


(रिलीज़ आईडी: 2296725) आगंतुक पटल : 4
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