09/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/12/2026 02:45
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पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए आईपीएल और पीएसएल की तुलना की और पाकिस्तान की घरेलू क्रिकेट व्यवस्था पर भी चिंता जताई। अकरम का कहना है कि पीएसएल को शुरू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान लीग ने जिस तरह गेंदबाज तैयार किए हैं, वैसा असर बल्लेबाजों के मामले में देखने को नहीं मिला है।
वसीम अकरम ने अपनी बात समझाने के लिए वैभव सूर्यवंशी का नाम लिया। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने IPL में शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।
यूट्यूबर फुरकान भट्टी को दिए इंटरव्यू में वसीम अकरम ने कहा कि पीएसएल को शुरू हुए 10 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने लीग से कुछ अच्छे गेंदबाज जरूर तैयार किए हैं, लेकिन बल्लेबाजी प्रतिभा के मामले में तस्वीर उतनी मजबूत नहीं है। अकरम ने कहा कि जब पाकिस्तान 14-15 साल की उम्र के सूर्यवंशी जैसे बल्लेबाजी टैलेंट तैयार करेगा, तब उसे अपनी क्रिकेट व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट में सुधार के लिए क्लब क्रिकेट को दोबारा मजबूत करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि युवा प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें तैयार करने का सबसे अहम रास्ता क्लब क्रिकेट है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान रेड बॉल क्रिकेट में सुधार करना चाहता है तो उसे क्लब क्रिकेट को फिर से शुरू करना होगा। अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को कराची और लाहौर में क्लब क्रिकेट के लिए बड़ी रकम खर्च करने की सलाह भी दी। उनके मुताबिक, प्रतिभा सीधे बड़े स्तर पर तैयार नहीं होती, बल्कि उसकी नींव क्लब क्रिकेट से बनती है। अगर यही व्यवस्था मजबूत होगी तो पीएसएल की टैलेंट पाइपलाइन भी बेहतर हो सकती है।
वसीम अकरम को दोनों लीग के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने 2010 से 2017 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के बॉलिंग कोच और मेंटर की भूमिका निभाई थी। इस दौरान केकेआर ने दो आईपीएल खिताब जीते।
इसके अलावा अकरम पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद यूनाइटेड, मुल्तान सुल्तांस और कराची किंग्स के साथ कोचिंग और मेंटरिंग की भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में दोनों लीग की कार्यप्रणाली को लेकर उनका अनुभव काफी लंबा रहा है।
वसीम अकरम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो मुकाबले गंवा चुका है और तीसरे टेस्ट में भी मुश्किल स्थिति में है। ऐसे में अकरम की टिप्पणी सिर्फ पीएसएल तक सीमित नहीं है। उन्होंने क्लब क्रिकेट से लेकर युवा प्रतिभाओं को तैयार करने तक पूरी क्रिकेट व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई है।