Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

03/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/12/2026 11:25

नालसा ने निवारक एवं रणनीतिक कानूनी सेवा कार्यक्रम के कार्यान्वन के लिए विभिन्न योजनाएं भी तैयार की हैं, जिन्हें विभिन्न स्तरों जैसे राज्य, जिला व तालुका स्तर पर विधिक सेवा[...]

विधि एवं न्‍याय मंत्रालय

नालसा ने निवारक एवं रणनीतिक कानूनी सेवा कार्यक्रम के कार्यान्वन के लिए विभिन्न योजनाएं भी तैयार की हैं, जिन्हें विभिन्न स्तरों जैसे राज्य, जिला व तालुका स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा कार्यान्वित किया जाता है

प्रविष्टि तिथि: 12 MAR 2026 12:55PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन कानूनी सेवा प्राधिकरण (एलएसए) अधिनियम, 1987 के तहत समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए किया गया था, जिसमें एलएसए अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत आने वाले लाभार्थी शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय प्राप्त करने के अवसरों से वंचित न किया जाए। इसके अतिरिक्त, नालसा ने निवारक और रणनीतिक कानूनी सेवा कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न योजनाएं भी तैयार की हैं, जिन्हें राज्य, जिला और तालुका जैसे विभिन्न स्तरों पर कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा लागू किया जाता है। पिछले तीन वर्षों के दौरान कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों/कार्यक्रमों के तहत कानूनी सहायता और सलाह के माध्यम से लाभान्वित व्यक्तियों का विवरण इस प्रकार है:-

वर्ष

लाभार्थियों की संख्या

2023-24

15,50,164

2024-25

16,57,527

2025-26 (जनवरी 2026 तक)

16,60,249

कुल

48,67,940

लोक अदालतों द्वारा निस्तारित मामलों/मुद्दों का विवरण नीचे दिया गया है :

वर्ष

राज्य लोक अदालत

स्थाई लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत*

2023-24

12,07,103

2,32,763

8,53,42,217

2024-25

13,44,814

2,37,980

10,45,26,119

2025-26

(जनवरी 2026 तक)

7,24,681

2,32,940

14,84,25,050

कुल

32,76,598

7,03,683

33,82,93,386

*राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित आंकड़े कैलेंडर वर्ष 2023, 2024 और 2025 के हैं।

कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा बच्चों, श्रमिकों, आपदा पीड़ितों, एससी एवं एसटी, दिव्यांग व्यक्तियों आदि से संबंधित विभिन्न कानूनों और योजनाओं के संबंध में देश भर में कानूनी जागरूकता शिविर/कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कानूनी सेवा प्राधिकरण लोगों के बीच वितरण के लिए विभिन्न कानूनों पर सरल भाषा में पुस्तिकाएं और पंपलेट भी तैयार करते हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान देश भर में कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा आयोजित कानूनी जागरूकता शिविरों/कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है:

वर्ष

आयोजित कानूनी जागरुकता शिविर/ कार्यक्रमों की संख्या

शामिल हुए लोगों की संख्या

2023-24

4,30,306

4,49,22,092

2024-25

4,62,988

3,72,32,850

2025-26

(जनवरी 2026 तक)

4,91,990

4,04,59,246

कुल

13,85,284

12,26,14,188

भारत सरकार वित्त वर्ष 2023-24 से नालसा के माध्यम से लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) नामक एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य एलएसए अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र लाभार्थियों को आपराधिक मामलों के संबंध में कानूनी सहायता प्रदान करना है। 31 दिसंबर 2025 तक, देश भर के 680 जिलों में एलएडीसी कार्यालय काम कर रहे हैं। इसकी शुरुआत (वित्त वर्ष 2023-24) से अब तक लीगल एड डिफेंस काउंसल्स (एलएडीसी) द्वारा सौंपे गए और निपटाए गए मामलों का विवरण इस प्रकार है:-

वर्ष

संदर्भित मामले

निस्तारित मामले

2023-24

3,36,830

2,12,505

2024-25

5,32,413

3,72,750

2025-26

(दिसंबर 2026 तक)

3,93,614

2,86,326

कुल

12,62,857

8,71,581

यह जानकारी आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा दी गई।

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पीके/केसी/एसके


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