Amar Ujala Ltd

07/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/29/2026 05:19

Jharkhand News: 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, झारखंड पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी

{"_id":"6a69dbb5e104c780310a558a","slug":"jharkhand-misir-besra-arrested-cpi-maoist-politburo-member-dhanbad-operation-daura-pahad-2-20-crore-reward-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand News: 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, झारखंड पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Jharkhand News: 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, झारखंड पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी

Wed, 29 Jul 2026 04:23 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Wed, 29 Jul 2026 04:23 PM IST
सार

झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा को धनबाद से गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापन
2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा को पुलिस ने दबोचा - फोटो : अमर उजाला
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा को धनबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके सिर पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, वह 175 मामलों में वांछित था और झारखंड में माओवादी नेटवर्क को खड़ा करने में उसकी अहम भूमिका रही है। पुलिस ने उसके साथ दो अन्य इनामी नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


धनबाद से गिरफ्तार हुआ देश का मोस्ट वांटेड नक्सली

झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने बुधवार को बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को मंगलवार शाम धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के मनियाडीह इलाके में ऑपरेशन दौरा पहाड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। 65 वर्षीय मिसिर बेसरा गिरिडीह जिले के मदनाडीह गांव का रहने वाला है और फिलहाल प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य था।
विज्ञापन


2.20 करोड़ का इनामी, 175 मामलों में था वांछित

पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा के सिर पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दर्ज 175 आपराधिक मामलों में वांछित था। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मेहनत उर्फ मोचू, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम था, और गौरव नामक एक अन्य नक्सली को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों नक्सली कुल 320 आपराधिक मामलों में वांछित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


1980 में माओवादी संगठन से जुड़ा था बेसरा

पुलिस ने बताया कि मिसिर बेसरा, जिसे सागर दा और भास्कर दा के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 1980 में प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़ा था। संगठन में लगातार सक्रिय रहने के बाद वह वर्ष 2003 में केंद्रीय समिति का सदस्य बना और बाद में पोलित ब्यूरो तक पहुंचा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मिसिर बेसरा ने झारखंड और आसपास के राज्यों में माओवादी संगठन का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने राज्य में कई सशस्त्र दस्तों (आर्म्ड स्क्वॉड) के गठन में भी अहम भूमिका निभाई थी।

जहानाबाद जेलब्रेक समेत कई बड़ी वारदातों में शामिल

झारखंड पुलिस के आईजी (ऑपरेशन) नरेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों नक्सली कई बड़े हमलों में शामिल रहे हैं। इनमें वर्ष 2005 का बिहार के जहानाबाद जेलब्रेक, कई बैंक डकैतियां, हथियार और गोला-बारूद की बड़ी लूट तथा कई आईईडी विस्फोट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनकी गतिविधियों के कारण 100 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी।

पारसनाथ इलाके में फिर से गतिविधियां बढ़ाने की थी कोशिश

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों नक्सली पारसनाथ क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे। आईजी नरेंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा बल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाएंगे और झारखंड में सक्रिय बचे 15 से 20 माओवादियों की तलाश तेज की जाएगी। इनमें तीन इनामी नक्सली भी शामिल हैं।

भाई बोला- कई साल से घर नहीं आए थे

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी पर उसके भाई देवलाल बेसरा ने बताया कि परिवार को मंगलवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच धनबाद और गिरिडीह की सीमा पर उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि मिसिर बेसरा 1986-87 के बाद कभी घर नहीं आया। परिवार की ओर से उसे कई बार मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई थी। देवलाल बेसरा ने बताया कि परिवार में उसका एक भतीजा है, जबकि एक भतीजी की पहले ही मौत हो चुकी है।

16 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मिली दूसरी बड़ी सफलता

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब इससे कुछ घंटे पहले ही 16 माओवादियों ने झारखंड पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। इनमें संतोष महतो उर्फ बसुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है, जो 128 मामलों में वांछित था और उसके सिर पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले छह नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

DGP का दावा- झारखंड से नक्सलवाद लगभग खत्म

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में नक्सलवाद का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान आगे भी जारी रहेगा और बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ सघन कार्रवाई की जाएगी।
Amar Ujala Ltd published this content on July 29, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 29, 2026 at 11:19 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]