Amar Ujala Ltd

10/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/05/2026 20:04

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब मेरिट नहीं शिक्षकों की पसंद बनेगा नियुक्ति का आधार

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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब मेरिट नहीं शिक्षकों की पसंद बनेगा नियुक्ति का आधार

Mon, 05 Oct 2026 10:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 05 Oct 2026 10:53 PM IST
सार

सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब मेरिट नहीं शिक्षकों की पसंद नियुक्ति का आधार बनेगा। सरकार ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में सीबीएसई के तहत शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है।

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हिमाचल सरकारी सीबीएसई स्कूल शिक्षक भर्ती नियमों में बदलाव। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब मेरिट नहीं शिक्षकों की पसंद नियुक्ति का आधार बनेगा। सरकार ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में सीबीएसई के तहत शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है। अब शिक्षकों की पसंद के स्कूल, बचे हुए सेवाकाल, वरीयता, कार्य-आचरण और प्रशासनिक जरूरत को नियुक्तियों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सोमवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के सब काडर के तहत नियुक्ति और तैनाती की प्रक्रिया में संशोधन करते हुए नए नियम जारी किए हैं।
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भर्ती के लिए अब ये हैं नए प्रावधान
नए प्रावधानों के तहत प्रदेश सरकार जरूरत के अनुसार सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षकों से सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। शिक्षक आवेदन के दौरान अपनी पसंद के स्कूल का विकल्प भी दे सकेंगे। हालांकि, पसंद का स्कूल मिलने की गारंटी नहीं होगी। विभाग उपलब्ध रिक्तियों और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर अंतिम निर्णय लेगा। सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कुछ माह पहले प्रदेश सरकार ने 5,623 सेवारत शिक्षकों को सब काडर के तहत नियुक्त करने की योजना बनाई थी। इसके लिए चयन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेशभर से 9,821 शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। इसके लिए शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से परीक्षा ली गई थी।

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मेरिट सूची में 6,084 शिक्षक शामिल हुए थे
मेरिट सूची में 6,084 शिक्षक शामिल हुए थे। इनकी काउंसलिंग के लिए निदेशालय ने शेड्यूल भी जारी कर दिया था। बाद में पंचायतीराज चुनाव का हवाला देते हुए शेड्यूल वापस ले लिया। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हालांकि 147 प्रिंसिपलों की काउंसलिंग कर निदेशालय ने मेरिट पर सीबीएसई स्कूल भी आवंटित कर दिए हैं। पुरानी योजना के तहत चयन परीक्षा और मेरिट को नियुक्ति प्रक्रिया का प्रमुख आधार माना गया था। अब सरकार की ओर से नियमों में किए गए संशोधन के बाद पहले से चल रही प्रक्रिया का स्वरूप भी बदल गया है।

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पहले से तैनात शिक्षक भी रह सकेंगे
-नए नियमों में यह प्रावधान भी रखा गया है कि किसी स्कूल में पहले से कार्यरत शिक्षक को प्रशासनिक रूप से उपयुक्त पाए जाने पर वहीं बनाए रखा जा सकता है। यानी हर स्थिति में मौजूदा शिक्षक को हटाकर नए शिक्षक की तैनाती करना जरूरी नहीं होगा। इससे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पहले से काम कर रहे शिक्षकों की स्थिति भी नई व्यवस्था में सुरक्षित रखने का रास्ता खुला है। अधिसूचना में सरकार ने नियुक्ति के विकल्प भी खुले रखे हैं। आवश्यकता होने पर सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति सीधी भर्ती या स्थानांतरण के माध्यम से की जा सकेगी।

Amar Ujala Ltd published this content on October 05, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 06, 2026 at 02:04 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]