Amar Ujala Ltd

09/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/23/2026 09:31

सख्ती: ई-कॉमर्स क्षेत्र के दिग्गजों पर एफएसएसएआई का शिकंजा, अमेजन, स्विगी समेत कई पर होगी कार्रवाई

{"_id":"6ab3dcc841594840660d9936","slug":"fssai-cracks-down-on-e-commerce-giants-penal-action-against-amazon-swiggy-others-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"सख्ती: ई-कॉमर्स क्षेत्र के दिग्गजों पर एफएसएसएआई का शिकंजा, अमेजन, स्विगी समेत कई पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}

सख्ती: ई-कॉमर्स क्षेत्र के दिग्गजों पर एफएसएसएआई का शिकंजा, अमेजन, स्विगी समेत कई पर होगी कार्रवाई

Wed, 23 Sep 2026 07:36 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 23 Sep 2026 07:36 PM IST
सार

खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने अमेजन, स्विगी, बिग बास्केट, फ्लिपकार्ट इंडिया, जेप्टो और इंस्टामर्ट जैसी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है। जानें क्या हैं आरोप।

विज्ञापन
एफएसएसएआई - फोटो : amarujala.com
  • Link Copied

विस्तार

खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने देश की कई बड़ी ऑनलाइन व्यापार और खाद्य वितरण कंपनियों पर कड़ा रुख अपनाया है। अमेजन, स्विगी, इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट इंडिया और ज़ेप्टो जैसी कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। यह कार्रवाई विभिन्न नियमों के उल्लंघन के आरोप में की गई है।

विज्ञापन

एफएसएसएआई ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। नियामक ने बताया कि इन मंचों पर उत्पादों के संबंध में भ्रामक दावे किए जा रहे थे। साथ ही, प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री भी की जा रही थी। एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बड़ी कार्रवाई की सूचना दी। इसमें नियामक ने साफ किया कि ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा नियामक नियमों का उल्लंघन किया गया है।

विज्ञापन


इन उल्लंघनों में उत्पादों की गलत ब्रांडिंग और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिबंधित या जहरीले खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और उनकी बिक्री भी पाई गई है। पिछले छह महीनों से एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाइयों को तेज किया है। नियामक इन कार्रवाइयों और उनके परिणामों के बारे में उपभोक्ताओं को सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से लगातार सूचित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या हैं ई-कॉमर्स कंपनियों पर मुख्य आरोप?

ई-कॉमर्स मंचों पर कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें सबसे प्रमुख उत्पादों की गलत ब्रांडिंग का मामला है। कंपनियों द्वारा ऐसे दावे किए जा रहे थे जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ खाद्य उत्पाद ऐसे थे जिनकी बिक्री भारत में प्रतिबंधित है। इन प्रतिबंधित उत्पादों को भी मंचों पर बेचा जा रहा था। कुछ मामलों में जहरीले खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और बिक्री भी इन उल्लंघनों का हिस्सा बनी।

एफएसएसएआई क्यों कर रहा है यह व्यापक कार्रवाई?

नियामक का मुख्य उद्देश्य देश में खाद्य सुरक्षा और मानकों को सुनिश्चित करना है। नियामक उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले छह महीनों से एफएसएसएआई ने अपनी निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों को काफी बढ़ाया है। यह वर्तमान कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियामक सोशल मीडिया के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को इन कार्रवाइयों और खाद्य सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक कर रहा है।

Amar Ujala Ltd published this content on September 23, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 23, 2026 at 15:32 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]