Prime Minister’s Office of India

05/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 05/17/2026 05:23

प्रधानमंत्री ने अफस्लुइटडिज्क बांध का भ्रमण किया

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री ने अफस्लुइटडिज्क बांध का भ्रमण किया

प्रविष्टि तिथि: 17 MAY 2026 3:38PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम रॉब जेटेन के साथ नीदरलैंड की प्रतिष्ठित जल प्रबंधन संरचना, अफस्लुइटडिज्क का भ्रमण किया।

इस यात्रा ने नवोन्मेषी जल प्रबंधन समाधान, जलवायु सहनशीलता तथा सतत अवसंरचना के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। 32 किलोमीटर लंबा अफस्लुइटडिज्क बांध और उससे बना पुल बाढ़ नियंत्रण और भूमि सुधार के क्षेत्र में एक वैश्विक मिसाल है। यह बांध नीदरलैंड के बड़े हिस्से को उत्तरी सागर से बचाता है और साथ ही मीठे पानी के भंडारण को भी संभव बनाता है।

बांध के भ्रमण ने गुजरात राज्य में अफस्लुइटडिज्क और भारत की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के बीच समानताओं पर प्रकाश डाला। कल्पसर परियोजना का उद्देश्य खंभात की खाड़ी में एक मीठे पानी का जलाशय बनाना है, जो ज्वारीय बिजली उत्पादन, सिंचाई और परिवहन बुनियादी ढांचे को एकीकृत करता है। इस संबंध में, दोनों पक्षों ने कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि जल अभियांत्रिकी में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक कार्यान्वयन क्षमता परस्पर लाभकारी साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती हैं। यह यात्रा जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सामरिक साझेदारी की पुनर्पुष्टि करती है तथा नवाचार और सतत विकास के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

***

पीके/केसी/केएल/वीके


(रिलीज़ आईडी: 2262005) आगंतुक पटल : 7
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Gujarati
Prime Minister’s Office of India published this content on May 17, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on May 17, 2026 at 11:24 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]