Amar Ujala Ltd

09/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/11/2026 00:36

बैंक हड़ताल: शाखाओं पर सेवाएं ठप, ग्राहकों की बढ़ी परेशानी; जानिए किस चीज की मांग पर अड़े कर्मचारी

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बैंक हड़ताल: शाखाओं पर सेवाएं ठप, ग्राहकों की बढ़ी परेशानी; जानिए किस चीज की मांग पर अड़े कर्मचारी

Fri, 11 Sep 2026 11:39 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 11 Sep 2026 11:39 AM IST
सार

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह और अन्य वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे ग्राहकों को परेशानी हुई।

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बैंक हड़ताल - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने और लंबित वेतन संबंधी मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे हैं।

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यूएफबीयू सात संघों का एक शीर्ष निकाय है। यह अधिकारियों और कर्मचारियों की 90 फीसदी संख्या का प्रतिनिधित्व करता है। हड़ताल के कारण देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिकांश शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहीं। हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
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हड़ताल क्यों बुलाई गई?

बैंक संघों ने सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग की है। यह एक मुख्य बिंदु है जिस पर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते में कथित तौर पर सहमति बनी थी। हालांकि, इसे अभी तक सरकारी अधिसूचना का इंतजार है। वर्तमान में बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांग पर सकारात्मक परिणाम न मिलने के कारण यह हड़ताल उन पर थोपी गई है।

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बैंक कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगें क्या हैं?

कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों में पेंशन का अद्यतन और सुधार शामिल है। वे सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता सूत्र की भी मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) में बदलने का विकल्प देने की मांग भी अनसुलझी है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी व्यथित हैं कि उनके साथ अकेले भेदभाव किया जा रहा है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ा?

नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरिंग और प्रशासनिक कार्य जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं। अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुरानी पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में कामकाज ठप रहा। हालांकि, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं। अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल के संभावित असर के बारे में सूचित किया था। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने भी ग्राहकों को परामर्श दिया था कि हड़ताल से बैंक के कामकाज पर असर पड़ सकता है।

Amar Ujala Ltd published this content on September 11, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 11, 2026 at 06:36 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]