Amar Ujala Ltd

09/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/23/2026 04:24

Aviation: 8 माह में 11 करोड़ यात्रियों ने भरी उड़ान;जानिए कौन सी एयरलाइन रही आगे,किस परेशानी से जूझे पैसेंजर

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Aviation: 8 माह में 11 करोड़ यात्रियों ने भरी उड़ान;जानिए कौन सी एयरलाइन रही आगे,किस परेशानी से जूझे पैसेंजर?

राहुल संपाल
Updated Wed, 23 Sep 2026 03:31 PM IST
सार

अगस्त में एयरलाइंस के खिलाफ कुल 2,132 शिकायत दर्ज हुईं। इन शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा बैगेज से जुड़ी समस्याओं का रहा है। इसकी हिस्सेदारी 29.5 प्रतिशत बताई गई।

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एयरलाइंस - फोटो : ANI
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विस्तार

जनवरी से अगस्त के बीच देश में करीब 11 करोड़ लोगों ने हवाई सफर किया। यात्रियों ने टिकटों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन सफर से जुड़ी परेशानियां कम नहीं हुईं। इस दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों को उड़ान रद्द होने और देरी का सामना करना पड़ा। करीब दो करोड़ यात्री फ्लाइट कैंसिल होने या उड़ानों की लेटलतीफी से प्रभावित हुए।
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क्या कहते हैं डीजीसीए के आंकड़े?
डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, देश में घरेलू हवाई यात्री यातायात में इस साल जनवरी से अगस्त के बीच मामूली गिरावट दर्ज की गई। इस अवधि में घरेलू एयरलाइंस ने 1105.30 लाख यात्रियों को सफर कराया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1107.26 लाख थी। यानी यात्रियों की संख्या सालाना आधार पर 0.18 प्रतिशत घटी है। अगस्त में निर्धारित घरेलू उड़ानों का कुल कैंसिलेशन रेट 1.04 प्रतिशत रहा। वहीं ,अगस्त में एयरलाइंस के खिलाफ कुल 2,132 शिकायतें दर्ज हुईं। इन शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा बैगेज से जुड़ी समस्याओं का रहा है। इसकी हिस्सेदारी 29.5 प्रतिशत बताई गई। एयरपोर्ट प्रदर्शन में चेन्नई एयरपोर्ट 94.3 प्रतिशत के साथ आगे रहा, जबकि कोचीन एयरपोर्ट 80.2 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे रहा है।
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स्पाइसजेट की सबसे ज्यादा उड़ानें हुई रद्द
अगस्त में उड़ानें रद्द होने के मामले में स्पाइसजेट सबसे ऊपर रही। उसकी कैंसिलेशन दर 20.92 प्रतिशत रही। इसके बाद इंडिया वन एयर 10.60 प्रतिशत और एलायंस एयर 4.58 प्रतिशत पर रही। फ्लाई91 की कैंसिलेशन दर 1.35प्रतिशत , एयर इंडिया ग्रुप की 1.14प्रतिशत , स्टार एयर की 0.90प्रतिशत , इंडिगो की 0.33 प्रतिशत और अकासा एयर की 0.07 प्रतिशत रही।
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डीजीसीए के अनुसार, उड़ानें रद्द होने की सबसे बड़ी वजह तकनीकी समस्या रही। कुल कैंसिलेशन में तकनीकी कारणों की हिस्सेदारी 50.2प्रतिशत थी। इसके बाद परिचालन संबंधी कारण 20.4प्रतिशत , अन्य कारण 17.4प्रतिशत , मौसम 8.5प्रतिशत और व्यावसायिक कारण 3.5प्रतिशत रहे। अगस्त में करीब 1.39 प्रतिशत उड़ानों में दो घंटे से ज्यादा की देरी हुई। स्पाइसजेट में ऐसी उड़ानों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 48.05प्रतिशत रही। इसके बाद फ्लाई91 की 3.46 प्रतिशत , एलायंस एयर की 2.47प्रतिशत और एयर इंडिया ग्रुप की 1.29 प्रतिशत उड़ानें दो घंटे से ज्यादा देरी से चलीं। स्टार एयर की ऐसी उड़ानों की हिस्सेदारी 0.70 प्रतिशत , अकासा एयर की 0.45 प्रतिशत और इंडिगो की 0.44प्रतिशत रही। इंडिया वन एयर की किसी भी उड़ान में दो घंटे से ज्यादा की देरी दर्ज नहीं हुई।

इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी घटी
अगस्त में इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी जुलाई के 67.4 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत रह गई। यानी इसमें 2.4 प्रतिशत अंक की कमी आई। स्पाइसजेट की हिस्सेदारी भी जुलाई के 1.6 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई। इसके उलट एयर इंडिया ग्रुप की बाजार हिस्सेदारी जुलाई के मुकाबले 2.7 प्रतिशत अंक बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई। अकासा एयर की हिस्सेदारी 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। अगस्त में देश के 10 प्रमुख एयरपोर्ट पर समय पर उड़ान संचालन के मामले में इंडिगो 91.5 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। अकासा एयर का प्रदर्शन 90.5 प्रतिशत और एयर इंडिया ग्रुप का 83.9प्रतिशत रहा।

अकासा का लोड फैक्टर सबसे ज्यादा
वहीं, ज्यादातर एयरलाइंस का पैसेंजर लोड फैक्टर जुलाई के मुकाबले अगस्त में कम हुआ। अगस्त में अकासा एयर का पैसेंजर लोड फैक्टर सबसे ज्यादा 87.6 प्रतिशत रहा। हालांकि जुलाई के 94.9 प्रतिशत के मुकाबले इसमें गिरावट आई। स्पाइसजेट का लोड फैक्टर 79.9 प्रतिशत और इंडिगो का 79.2 प्रतिशत रहा। एयर इंडिया ग्रुप का लोड फैक्टर जुलाई के 83.2 प्रतिशत से घटकर 77 प्रतिशत रह गया। फ्लाई91 का लोड फैक्टर मामूली बढ़कर 75 प्रतिशत हो गया। वहीं स्टार एयर 73.6 प्रतिशत और एलायंस एयर 58.8 प्रतिशत पर रहे। इंडिया वन एयर का लोड फैक्टर 44.5 प्रतिशत से बढ़कर 47.5 प्रतिशत हो गया।
Amar Ujala Ltd published this content on September 23, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 23, 2026 at 10:24 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]