02/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/12/2026 01:18
भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र और उससे भी आगे की सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाले एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) के अंतर्गत एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्य बल, संयुक्त कार्य बल (सीटीएफ) 154 की कमान संभाल ली है।
कमान परिवर्तन समारोह 11 फरवरी 2026 को बहरीन के मनामा स्थित सीएमएफ मुख्यालय में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सीएमएफ/यूएस नेवसेंट/यूएस फिफ्थ फ्लीट के कमांडर वाइस एडमिरल कर्ट ए रेनशॉ ने की। इस अवसर पर, भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख (डीसीएनएस) वाइस एडमिरल तरुण सोबती और अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य प्रमुख उपस्थित थे। भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र प्राप्त कमोडोर मिलिंद एम मोकाशी ने इतालवी नौसेना के निवर्तमान कमांडर से सीटीएफ 154 के कमांडर का पदभार औपचारिक रूप से ग्रहण किया।
सीटीएफ 154 विशेष रूप से सीएमएफ के सदस्य देशों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। यह सीएमएफ के 47 देशों के बीच भारत की पेशेवर विशेषज्ञता, परिचालन अनुभव और अधिमान्य सुरक्षा भागीदार के रूप में क्षेत्र के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मई 2023 में स्थापित सीटीएफ 154, मध्य पूर्व और व्यापक क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए समर्पित है।
यह प्रशिक्षण पांच मुख्य स्तंभों समुद्री क्षेत्र जागरूकता (एमडीए), समुद्र का कानून, समुद्री अवरोधन अभियान, समुद्री बचाव और सहायता, और नेतृत्व विकास पर केंद्रित है। यह कार्यबल नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण (एमएसईटी) कार्यक्रम, कम्पास रोज़ और उत्तरी/दक्षिणी तत्परता जैसे अभ्यास आयोजित करता है, और अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे सामान्य खतरों के खिलाफ सहयोगी देशों की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए संपर्क कार्यक्रम चलाता है।
सीटीएफ 154, सीएमएफ के अन्य टास्क फोर्स के साथ मिलकर सीटीएफ 150 (समुद्री सुरक्षा), सीटीएफ 151 (समुद्री डकैती विरोधी अभियान), सीटीएफ 152 (अरब की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा) और सीटीएफ 153 (लाल सागर में समुद्री सुरक्षा) कार्यों को अंजाम देता है।
भारतीय नौसेना एक सफल कार्यकाल के प्रति आशान्वित है, जिसमें उच्च प्रभावी प्रशिक्षण पहल प्रदान करना और शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा के लिए वैश्विक समुद्री साझेदारी को मजबूत बनाना शामिल है।
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पीके/केसी/एसएस/वाईबी