Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/14/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/14/2026 00:42

सी-डॉट ने क्वांटम-संवेदनशील क्रिप्टो एल्गोरिदम की खोज के लिए स्वचालित उपकरण विकसित करने हेतु सिनर्जी क्वांटम के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए

संचार मंत्रालय

सी-डॉट ने क्वांटम-संवेदनशील क्रिप्टो एल्गोरिदम की खोज के लिए स्वचालित उपकरण विकसित करने हेतु सिनर्जी क्वांटम के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए


स्वचालित उपकरण किसी डिवाइस को स्कैन करके उसमें उपयोग किए जाने वाले क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम और सुरक्षा तंत्र की पहचान कर सकता है

यह उपकरण सभी सुरक्षा कमजोरियों का पता लगाएगा और फिर क्वांटम सुरक्षित और क्वांटम असुरक्षित एल्गोरिदम के बीच स्पष्ट रूप से अंतर करेगा

प्रविष्टि तिथि: 14 FEB 2026 10:27AM by PIB Delhi

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्थान, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने भारत में उभरते क्वांटम कंप्यूटिंग खतरों के विरुद्ध साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों क्षेत्रों में व्यापक पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी समाधान प्रदान करने वाली एक डीप-टेक संप्रभु क्वांटम सुरक्षा कंपनी, सिनर्जी क्वांटम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते का उद्देश्य लक्षित उपकरणों में क्वांटम-संवेदनशील क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम का पता लगाने, उनका वर्गीकरण करने और उनकी रिपोर्ट करने के लिए एक स्वचालित उपकरण को संयुक्त रूप से विकसित करना है। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्‍य एक ऐसा स्वचालित उपकरण बनाना है जो किसी उपकरण को स्कैन करके उसमें उपयोग किए जाने वाले क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम और सुरक्षा तंत्र की पहचान कर सके। यह उपकरण सभी सुरक्षा कमजोरियों का पता लगाएगा और फिर क्वांटम-सुरक्षित और क्वांटम-संवेदनशील एल्गोरिदम के बीच स्पष्ट रूप से अंतर करेगा। अंत में, यह क्वांटम-संवेदनशील एल्गोरिदम, उनके उद्देश्य और उपकरण के भीतर उनके सटीक स्थान का पता लगाकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा ताकि क्वांटम-सुरक्षित सुरक्षा की ओर ज्ञात स्‍थानांतरण योजना बनाने में सहायता मिल सके।

इस समाधान में तीन मुख्य मॉड्यूल शामिल होंगे:

  • वेब एप्लिकेशन: नेटवर्क ट्रैफ़िक, जोखिम मूल्यांकन और क्वांटम जोखिमों के लिए बाहरी ब्लैक-बॉक्स स्कैनिंग (लॉगिन के साथ/बिना)।
  • सिक्योरिटी स्कैनर एजेंट: एंडपॉइंट और कंटेनर सुरक्षा के लिए डिवाइस पर लाइब्रेरी को अंदर से स्कैन करना।
  • कंट्रोल सॉफ्टवेयर: एजेंट को इंस्‍टॉल/अनइंस्‍टॉल करता है, स्कैन चलाता है, और सभी जोखिम पर डेटा को एकीकृत रिपोर्ट में एकत्रित करता है।

इस सहयोग से एक पूर्णतः एकीकृत, व्यावसायिक रूप से लागू होने योग्य समाधान प्राप्त होने की उम्मीद है जो संगठनों द्वारा क्वांटम युग के लिए अपनी क्रिप्टोग्राफिक तैयारियों का आकलन करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह अत्याधुनिक पहल रक्षा, दूरसंचार, बैंकिंग और विभिन्न सरकारी क्षेत्रों, उपकरणों और अनुप्रयोगों सहित नेटवर्क में क्रिप्टोग्राफिक कमजोरियों का शीघ्र पता लगाने में सक्षम बनाएगी जिससे संगठनों को क्वांटम-पश्चात क्रिप्टोग्राफी की ओर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

सिनर्जी क्वांटम के साथ साझेदारी "आत्मनिर्भर भारत" पहल के तहत स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने और उभरती एवं सुरक्षित दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमताओं को बढ़ाने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। इससे अगली पीढ़ी के क्वांटम सुरक्षा नवाचार में भारत की अग्रणी स्थिति और मजबूत होगी। क्वांटम स्‍थानांतरण के लिए प्रमुख आवश्यकताओं में से एक क्रिप्टोग्राफिक इन्वेंटरी का आकलन और उसके बाद क्वांटम कार्यान्वयन होगा।

इस साझेदारी पर बोलते हुए, सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा, "क्वांटम कंप्यूटिंग की प्रगति के साथ, पारंपरिक क्रिप्टोग्राफिक प्रणालियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सिनर्जी क्वांटम के साथ यह सहयोग भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को मजबूत करता है। सी-डॉट की दूरसंचार और क्वांटम अनुसंधान विशेषज्ञता को सिनर्जी क्वांटम की क्षमताओं के साथ मिलाकर, हमारा लक्ष्य ऐसे उपकरण बनाना है जो वर्तमान और भविष्य की साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा कर सके।"

सिनर्जी क्वांटम इंडिया के सह-संस्थापक और सीईओ श्री जय ओबेराय ने इस सहयोग के प्रति अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "सी-डॉट के साथ यह साझेदारी क्वांटम-सुरक्षित सुरक्षा की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सी-डॉट के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया जाने वाला यह स्वचालित उपकरण सरकार, रक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी क्षेत्रों में संगठनों को क्वांटम-संबंधित क्रिप्टोग्राफिक जोखिमों का आकलन और निवारण करने में सक्षम बनाएगा। क्वांटम साइबर सुरक्षा में वैश्विक नेता के रूप में भारत के उदय में योगदान देना हमारे लिए सम्मान की बात है।"

समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में सी-डॉट की ईवीपी सुश्री शिखा श्रीवास्तव, श्री जय ओबेराय (सह-संस्थापक और सीईओ), श्री विपिन राठी (सह-संस्थापक), वायु सेना के व्यापार विकास उपाध्यक्ष (सेवानिवृत्त) एयर मार्शल जीएस बेदी और कर्नल अजय सिंह (सेवानिवृत्त) (सीओओ) सिनर्जी क्वांटम इंडिया से और सी-डॉट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सी-डॉट के बारे में:

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) दूरसंचार प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं विकास का एक प्रमुख केंद्र है, जो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत है और भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के तत्वावधान में कार्यरत है। सी-डॉट ने अत्याधुनिक दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। क्वांटम-सुरक्षित नेटवर्क स्‍थानांतरण के लिए आवश्यक क्वांटम-सुरक्षित प्रौद्योगिकियों - पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (पीक्यूसी) और क्वांटम कुंजी वितरण (क्यूकेडी) दोनों क्षेत्रों में इसके पास उत्पादों का एक समृद्ध पोर्टफोलियो है। सी-डॉट ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत आईआईटी मद्रास में एक क्वांटम संचार केंद्र स्थापित किया है।

सिनर्जी क्वांटम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बारे में:

सिनर्जी क्वांटम एक संप्रभु क्वांटम सुरक्षा कंपनी है जो देशों और महत्वपूर्ण अवसंरचना संचालकों को क्वांटम युग में संप्रभुता बनाए रखने में सक्षम बनाती है। सिनर्जी क्वांटम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों क्षेत्रों में व्यापक पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी समाधान प्रदान करती है, जो क्रिप्टोग्राफिक अवसंरचना, सुरक्षित प्रणालियों और राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल तंत्र पर संप्रभु नियंत्रण में सहयोग देती है।

सुश्री शिखा श्रीवास्तव, ईवीपी, सी-डॉट और उनकी टीम, सिनर्जी क्वांटम के प्रतिनिधिमंडल के साथ

***

पीके/केसी/पीपी/आर


(रिलीज़ आईडी: 2227964) आगंतुक पटल : 7
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on February 14, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on February 14, 2026 at 06:42 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]