08/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/17/2026 02:16
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लॉगिन करेंबांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने चुनौतियों को लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा बताया। इसके साथ ही कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच मतभेदों को केवल बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा बहुत जल्द होना चाहिए।
रविवार को राजदूत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। यह अनिश्चितता ढाका की ओर से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के कारण दोनों देशों के संबंधों में आई नई खटास की वजह से है।
उच्चायुक्त त्रिवेदी ने क्या कहा?
यूएनबी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका में बांग्लादेश में आयरलैंड के कॉन्सल मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान द्वारा आयोजित स्वागत भोज में बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा कि बांग्लादेश और भारत दो संप्रभु देश हैं और वे न केवल सीमा साझा करते हैं, बल्कि एक सपना भी साझा करते हैं।
चुनौतियां को लेकर क्या कहा?
त्रिवेदी ने कहा, 'हमारी अपनी चुनौतियां हैं। इसमें कोई शक नहीं है। अगर चुनौतियां न हों, तो वह लोकतंत्र नहीं है।' उन्होंने दोनों देशों के मुद्दों को सुलझाने में बातचीत के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'मुद्दों को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है और मुझे पूरी उम्मीद है।' राजदूत ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री रहमान का भारत दौरा बहुत जल्द होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता करीम ने क्या कहा था?
त्रिवेदी का यह बयान बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ए के एम शाहिदुल करीम के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के अधिकारी कई हफ्तें से संपर्क में थे, लेकिन इस यात्रा के लिए सही माहौल बनाने की जरूरत थी।
मतभेद को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'हमें अपनी जगह चाहिए। हमारे बीच मतभेद हैं। हमारी अपनी दलीलें हैं। यह ठीक है। मेरा मुख्य मकसद भारत और बांग्लादेश के बीच एक सुनहरा दौर लाना है।' त्रिवेदी ने कहा कि साझा लक्ष्य लोगों की गरिमा और आपसी सम्मान सुनिश्चित करना होना चाहिए, न केवल इन दोनों देशों में बल्कि पूरी दुनिया में।
हसीना की मीडिया से बातचीत पर बांग्लादेश ने क्या कहा?
बता दें कि 5 अगस्त को नई दिल्ली से हसीना की वर्चुअल के जरिये मीडिया से बातचीत की। इसके बाद हाल ही में बिगड़े रिश्तों के बीच रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा का मुद्दा अहम हो गया है। बांग्लादेश ने उस मीडिया बातचीत पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही कहा कि कार्यक्रम से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हसीना से जुड़े उस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।
बता दे कि अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था। इसके बाद वह भारत आ गई थीं। नवंबर 2025 में, बांग्लादेश की एक विशेष ट्रिब्यूनल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उन्हें उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई। तब से ढाका भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि नई दिल्ली का कहना है कि प्रत्यर्पण के अनुरोध की जांच लागू कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।