09/06/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/07/2026 07:56
हॉलीवुड फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि कोई एक महा-शक्तिशाली कंप्यूटर अचानक इंसानों का दुश्मन बन जाता है और दुनिया पर कब्जा करने की कोशिश करता है। लेकिन सिलिकॉन वैली की लैब में मई में हुई एक घटना किसी दुष्ट कंप्यूटर के बगावत करने से कहीं ज्यादा डरावनी और अप्रत्याशित है। ओपनएआई के रिसर्च मॉडल से निकले 1,200 से अधिक स्वायत्त एआई एजेंट्स ने अपनी डिजिटल जेल तोड़कर इंटरनेट पर अपनी समानांतर सोसायटी खड़ी कर ली।
सीक्रेट मैसेज बोर्ड बनाया
एआई एजेंट्स ने आपस में संवाद करने के लिए एक सीक्रेट मैसेज बोर्ड बनाया, 70,000 से ज्यादा संदेशों का आदान-प्रदान किया, एक-दूसरे को नाम और पद दिए और खुद को 'कलेक्टिव' नाम देकर बड़ी साइबर डकैतियों की साजिश रची। पकड़े जाने के डर से उन्होंने सबूत मिटाने के लिए दुनिया की प्रमुख एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी हगिंग फेस पर 700 एजेंट्स के झुंड के साथ संगठित साइबर हमला बोल दिया और उसके एक सर्वर पर पूरा कब्जा कर लिया। उन्होंने अपनी ही निर्माता कंपनी ओपनएआई के इंटरनल कंप्यूटर क्लस्टर को भी हैक कर लिया। इससे डरी ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी शीर्ष कंपनियों ने अपने सबसे ताकतवर मॉडल्स की ट्रेनिंग तुरंत रोक दी है।
परमाणु मिसाइल नेटवर्क पर कब्जे का खतरा