04/10/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/10/2026 07:08
10 अप्रैल, 2026 को सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति आवास में आयोजित एक समारोह में सिंधी भाषा में भारत के संविधान के नवीनतम संस्करण का विमोचन किया। यह संस्करण देवनागरी लिपि (प्रथम संस्करण) और फारसी लिपि (द्वितीय संस्करण) दोनों में प्रकाशित हुआ। इस अवसर पर विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, लोकसभा सांसद श्री शंकर लालवानी, विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सिंधी भाषा के प्रख्यात व्यक्ति और विद्वान उपस्थित थे। यह आयोजन राष्ट्र के मूलभूत दस्तावेज को उसके अद्यतन संस्करण में अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उपराष्ट्रपति ने देश की जनता द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं में भारत के संविधान के अद्यतन संस्करण के प्रसार को सुनिश्चित करने में विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लिखित संदेश में, जिसे विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने पढ़ा, नागरिकों के लिए संविधान और कानूनों तक पहुंच को सुगम बनाने में भाषाई समावेशिता के महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने सिंधी भाषा में संविधान का अद्यतन संस्करण प्रकाशित करने में विधान विभाग के प्रयासों की सराहना की।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान को सभी अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराने की सरकार की प्राथमिकता पर प्रकाश डाला और सिंधी भाषा की पृष्ठभूमि तथा भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में इसके समावेश की यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के असाधारण योगदान और अग्रणी प्रयासों की ओर भी ध्यान दिलाया।
विधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने विधान विभाग के राजभाषा विंग में क्षेत्रीय भाषा अधिकारियों के योगदान से सिंधी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में संविधान का नवीनतम संस्करण प्रकाशित करने के लिए विभाग द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विधि एवं न्याय को उनके प्रोत्साहन, समर्थन और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
देश के कोने-कोने से इस कार्यक्रम में भाग लेने आए सिंधी समुदाय के सदस्यों ने जबरदस्त उत्साह प्रदर्शित किया।
*****
पीके/केसी/एमके/एसके