05/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 05/28/2026 07:45
भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी लोकायन 26 अभियान के तहत ऐतिहासिक अटलांटिक महासागर पार करने के बाद 27 मई, 2026 को एंटीगुआ पहुंचा। एंटीगुआ और बारबुडा में भारत के मानद महावाणिज्यदूत विजय तिवारी तथा एंटीगुआ और बारबुडा रक्षा बल (एबीडीएफ) के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ब्रिगेडियर टेल्बर्ट बेंजामिन ने पोत का गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह यात्रा आईएनएस सुदर्शनी द्वारा अटलांटिक महासागर को पार करने का पहला अभियान है, जबकि इससे पहले पोत आईएनएस तरंगिनी वर्ष 2007 में यह उपलब्धि हासिल कर चुका है। केप वर्डे के मिंडेलो से एंटीगुआ तक का चरण इस पूरे अभियान का सबसे लंबा और चुनौतीपूर्ण हिस्सा रहा, जो लगातार 19 दिनों तक चला। इस दौरान जहाज मुख्य रूप से पालों की सहायता से संचालित होता रहा, जिसने पारंपरिक नाविक कौशल, अनुशासन और समुद्री सहनशक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान चालक दल को ऊंची लहरों, तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम जैसी कठिन समुद्री परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, निरंतर सतर्क निगरानी, समन्वित पाल संचालन और पारंपरिक नौवहन तकनीकों के कुशल उपयोग से चालक दल ने सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए इस ऐतिहासिक यात्रा को अंजाम दिया।
इस ऐतिहासिक अभियान के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने 20 जनवरी, 2026 को कोच्चि से प्रस्थान करने के बाद 10,000 समुद्री मील की उल्लेखनीय दूरी तय करने का महत्वपूर्ण पड़ाव भी पार कर लिया। लोकायन 26 अभियान का उद्देश्य वैश्विक समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को सशक्त करना तथा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और नौवहन परंपराओं को विश्व मंच पर प्रदर्शित करना है। यह यात्रा भारतीय नौसेना की समुद्री साझेदारी, मित्रता और सहयोग के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। साथ ही, यह भारत की प्राचीन सांस्कृतिक भावना 'वसुधैव कुटुम्बकम्' - अर्थात् 'विश्व एक परिवार है' - का भी सशक्त संदेश देती है।
आईएनएस सुदर्शनी ने पश्चिम एशिया, भूमध्य सागर, यूरोप और अफ्रीका के विभिन्न बंदरगाहों पर सफल पड़ावों के बाद अब अपने अभियान के कैरिबियाई व अमेरिकी चरण में प्रवेश कर लिया है। इस चरण के अंतर्गत पोत अमेरिका में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'एसएआईएल 250' कार्यक्रमों में भी भाग लेगा।
एंटीगुआ प्रवास के दौरान, जहाज का चालक दल पेशेवर संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों में हिस्सा लेगा। इनके बाद आईएनएस सुदर्शनी अपनी अगली यात्रा के लिए अमेरिका के नॉरफॅाक बंदरगाह की ओर रवाना होगा।
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पीके/केसी/एनके/एसएस