Amar Ujala Ltd

09/18/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/18/2026 21:14

शिमला: दिवाली से पहले लंबित डीए के लिए एक मंच पर आएंगे कर्मचारी-पेंशनर, एक सप्ताह में आम सभा की तैयारी

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शिमला: दिवाली से पहले लंबित डीए के लिए एक मंच पर आएंगे कर्मचारी-पेंशनर, एक सप्ताह में आम सभा की तैयारी

Fri, 18 Sep 2026 09:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 18 Sep 2026 09:11 PM IST
सार

शिमला में एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की प्रदेश स्तरीय आम सभा आयोजित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें प्रदेश स्तरीय ज्वाइंट एक्शन कमेटी गठित की जाएगी।

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हीरा लाल वर्मा, भूपराम वर्मा व राजेंद्र सिंह मियां। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर दिवाली से पहले लंबित महंगाई भत्ते (डीए) की मांग को लेकर एक मंच पर आने की तैयारी में हैं। शिमला में एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की प्रदेश स्तरीय आम सभा आयोजित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें प्रदेश स्तरीय ज्वाइंट एक्शन कमेटी गठित की जाएगी। चुनावी साल से पहले संगठनों ने अन्य सेवा संबंधी मांगों के बजाय डीए को साझा और एकल एजेंडा बनाकर सरकार के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। संगठनों के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित डीए एरियर करीब 5300 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। उनका दावा है कि मौजूदा समय में करीब 15 फीसदी डीए लंबित है। केंद्र सरकार की ओर से तीन फीसदी और डीए बढ़ाने की तैयारी के बाद यह अंतर करीब 18 फीसदी हो सकता है। संगठनों को आशंका है कि देनदारियों का समय पर निपटारा नहीं हुआ तो एरियर लगातार बढ़ता जाएगा और भविष्य में इसका भुगतान करना मुश्किल होगा।

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कर्मचारी संगठनों ने एनपीएस और ओपीएस कर्मचारियों के डीए में अंतर का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि एनपीएस कर्मचारियों को केंद्रीय दरों के अनुरूप डीए मिल रहा है, जबकि ओपीएस कर्मचारियों को लंबित डीए के कारण कम दर पर भुगतान किया जा रहा है। इससे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के ग्रेच्युटी समेत अन्य वित्तीय लाभों पर भी असर पड़ने का दावा किया जा रहा है। आम सभा में डीए, एरियर भुगतान और सेवानिवृत्ति लाभों में डीए की गणना के मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके बाद सरकार को ज्ञापन देने और आंदोलन की रणनीति तय की जा सकती है। संगठनों ने वेतन और पेंशन भुगतान की तारीख में बदलाव तथा पुरानी देनदारियों को आगे खिसकाने पर भी चिंता जताई है।

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भविष्य में डीए फ्रिज होने की आशंका
संयुक्त कर्मचारी महासंघ के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि प्रदेश में डीए का एरियर करीब 5300 करोड़ रुपये हो चुका है। भविष्य में सरकारें इसका भुगतान नहीं कर पाईं तो डीए फ्रिज होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वेतन कटौती की भी आशंका है। उनके अनुसार मौजूदा समय में 15 फीसदी डीए लंबित है और केंद्र की ओर से तीन फीसदी डीए और बढ़ाए जाने के बाद यह अंतर 18 फीसदी हो जाएगा। सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के वित्तीय लाभ निचले डीए पर तय होने को उन्होंने भेदभाव बताया।

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मिलकर लड़ेंगे डीए की लड़ाई
पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी कर्मचारी और पेंशनर संगठन मिलकर लंबित डीए की लड़ाई लड़ेंगे। कर्मचारी संगठनों के साथ शुरुआती चर्चा हो चुकी है और शिमला में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि डीए कर्मचारियों और पेंशनरों का कानूनी हक है। पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति लगातार मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है और अब संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ी जाएगी।

सचिवालय महासंघ देगा साथ
प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मियां ने कहा कि डीए की मांग को लेकर संयुक्त रूप से जो भी फैसला होगा, महासंघ उसमें पूरा साथ देगा। अगले सप्ताह शिमला में कर्मचारियों और पेंशनरों की आम सभा बुलाने की तैयारी है। इसके लिए पूरे हिमाचल के कर्मचारियों और पेंशनरों को खुला न्योता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीए वेतन का अहम हिस्सा है और इसे लेकर सरकार की देरी से कर्मचारी नाराज हैं।

Amar Ujala Ltd published this content on September 18, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 19, 2026 at 03:14 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]