Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

03/10/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/10/2026 07:32

किसानों के हित में भारत सरकार का बड़ा फैसला

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग

किसानों के हित में भारत सरकार का बड़ा फैसला


उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति, सरकार की प्रााथमिकता में शामिल

खरीफ सीजन से पहले यूरिया का स्टॉक पिछले साल की तुलना में काफी अधिक

प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 6:55PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस(आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी कर उर्वरक क्षेत्र को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए'प्राथमिकता क्षेत्र' में रखा गया है ताकि देश में उर्वरकों का उत्पादन प्रभावित हो।

इसके तहत

  • उर्वरक संयंत्र को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति परिचालन उपलब्धता के अधीन रहते हुए उनके पिछले छह महीने के औसत गैस उपयोग के सत्तर प्रतिशत तक सुनिश्चित की जाएगी. परंतु इकाइयां गैस उत्पादन के अतिरिक्त किसी उद्देश्य के लिए गैस आपूर्ति का उपयोग नहीं करेंगीं।
  • उर्वरक संयंत्रों को पिछले6 महीनों की औसत गैस खपत का कम से कम70% प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी.
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि उर्वरक उत्पादन प्रभावित हो, खासकर जब वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व संघर्ष के कारणLNG आपूर्ति में व्यवधान आया है.
  • जिससे किसानों को समय पर उर्वरक मिल सकेगा और खेती-किसानी सुचारू रहेगी.
  • वैश्विक गैस संकट के बावजूद देश के उर्वरक कारखानों को गैस मिलती रहेगी, जिसे उत्पादन नहीं प्रभावित होगा.

उर्वरक उत्पादन के लिए जरूरी प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता सूची में शामिल कर भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों की जरूरत, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

इस संबंध में उर्वरक विभाग में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में सभी उर्वरक कंपनियों के उच्च अधिकारी शामिल हुए और उन्होंने विभाग के सामने अपनी तैयारियों और चुनौतियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। विभाग की तरफ से सभी कंपनियों को कहा गया कि उर्वरक प्लांट को निरंतर चालू रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।

पश्चिम एशिया में पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता की वजह से भारत में किसानों की खरीफ सीजन की बुवाई प्रभावित हो, इसके लिए सरकार ने तैयारी भी पहले से शुरु कर दी है। उर्वरक विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि समुद्री परिवहन विशेष तौर पर मालवाहक जहाजों की आवजाही प्रभावित होने के बावजूद फिलहाल भारत के पास पर्याप्त उर्वरक भंडार मौजूद है।

उर्वरक विभाग ने आंकड़ों के जरिए स्थिति को और साफ किया है ताकि किसानों के मन में किसी भी तरह का भ्रम ना रहे। कम खपत वाले फेज में अग्रिम भंडारण की आक्रामक रणनीति के साथ भारत सरकार ने उर्वरकों का एक बड़ा बफर स्टॉक तैयार किया है। इसी का परिणाम है कि खरीफ सीजन से पहले भारत का उर्वरक भंडार180.12 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि10 मार्च2025 के131.79 लाख मीट्रिक टन की तुलना में36.6 प्रतिशत अधिक है। इसमें महत्वपूर्ण मृदा पोषक तत्वों, विशेष रूप सेDAP (25.17 लाख मीट्रिक टन) औरNPKs भंडार(56.30 लाख मीट्रिक टन) में अभूतपूर्व वृद्धि का विशेष योगदान है।

प्रमुख उर्वरकों की स्टॉक स्थिति(10 मार्च2026 तक लाख मीट्रिक टन में)

उर्वरक

स्टॉक की स्थिति(10.03.2026)

स्टॉक की स्थिति (10.03.2025)

यूरिया

61.51

50.90

डीएपी

25.17

11.55

एनपीके

56.30

32.29

एमओपी

12.90

14.41

एसएसपी

24.24

22.64

कुल

180.12

131.79

इसके अलावा, देश में सर्वाधिक खपत वाले उर्वरक, यूरिया की उपलब्धता भी बढ़कर61.51 लाख मीट्रित टन हो गई है। डेटा-आधारित यह मजबूत भंडार स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत, आगामी खरीफ बुवाई के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के झटकों से बच जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि अंतरराष्ट्रीय बाधाएं, घरेलू स्तर पर किसानों के लिए किल्लत का कारण बनें।

सभी कैटेगरी के सब्सिडी वाले उर्वरकों की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए, उर्वरक विभाग ने पहले ही जरूरी शिपमेंट्स का प्रबंध कर लिया है। भारत सरकार ने फरवरी2026 तक98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात किया है और अगले तीन महीनों के लिए17 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का अतिरिक्त आयात पाइपलाइन में है। यह वैश्विक उथल-पुथल के बीच किसान समुदाय के हितों की रक्षा करने में सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण का प्रमाण है।

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नीरज कुमार भट्ट/गौरव पांडेय

cmc.gertilizers[at]gmail[dot]com


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