02/02/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/02/2026 02:16
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया।
"नाम्भोधिरर्थितामेति सदाम्भोभिश्च पूर्यते ।
आत्मा तु पात्रतां नेयः पात्रमायान्ति सम्पदः॥"
सुभाषितम में कहा गया है कि सागर कभी पानी नहीं मांगता, फिर भी वह हमेशा भरा रहता है। ठीक उसी प्रकार, जब कोई व्यक्ति योग्य हो जाता है, तो धन उसे स्वाभाविक रूप से प्राप्त होता है।
श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता वह दीपक है जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग दिखाता है और इस बार का बजट भी हमारे युवा साथियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
"आत्मनिर्भरता वह दीपक है, जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग दिखाता है। इस बार का बजट भी हमारे युवा साथियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
आत्मनिर्भरता वह दीपक है, जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग दिखाता है। इस बार का बजट भी हमारे युवा साथियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला है।
नाम्भोधिरर्थितामेति सदाम्भोभिश्च पूर्यते ।
आत्मा तु पात्रतां नेयः पात्रमायान्ति सम्पदः॥ pic.twitter.com/x7iSHqop57
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