09/20/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/20/2026 07:26
कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव से पहले वार्डों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत से अधिक सीटें आरक्षित करने का मसौदा सामने आया है। कोलकाता में 209 में से 70 और हावड़ा में 68 में से 23 वार्ड महिलाओं के लिए प्रस्तावित हैं। मसौदे पर 5 अक्तूबर तक आपत्ति दी जा सकती है। ऐसे में सवाल है कि अंतिम परिसीमन के बाद चुनावी समीकरण कितना बदल सकता है?
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। दोनों नगर निगमों के परिसीमन के मसौदे में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत से अधिक वार्ड आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। मसौदे के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 और हावड़ा में 50 से बढ़ाकर 68 करने का प्रस्ताव है। दोनों जगह महिला आरक्षण के साथ वार्डों की नई तस्वीर चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।
मसौदा परिसीमन प्रस्ताव के अनुसार, कोलकाता नगर निगम में मौजूदा 144 वार्डों की जगह 209 वार्ड किए जाएंगे। यानी वार्डों की संख्या में 65 की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसके साथ ही नए वार्डों में महिला आरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। कुल 209 प्रस्तावित वार्डों में से 70 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसका मतलब है कि कोलकाता नगर निगम के चुनाव में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटें होंगी। परिसीमन का यह मसौदा अभी अंतिम नहीं है और इस पर आपत्ति तथा सुझाव मांगे गए हैं।
हावड़ा नगर निगम के लिए भी वार्डों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। मौजूदा 50 वार्डों को बढ़ाकर 68 करने की योजना है। इनमें 23 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। यह कुल प्रस्तावित वार्डों का करीब 34 प्रतिशत है। इस तरह हावड़ा में भी एक तिहाई से ज्यादा वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। दोनों नगर निगमों के लिए परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद पुराने वार्डों की तुलना में चुनावी क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।
परिसीमन के मसौदे को लेकर राजनीतिक दलों या किसी अन्य पक्ष को अगर कोई आपत्ति या सुझाव है तो उसे 5 अक्तूबर तक संबंधित अधिकारियों के पास जमा कराया जा सकता है। इसका मतलब है कि फिलहाल सामने आया परिसीमन और आरक्षण प्रस्ताव अंतिम नहीं माना जाएगा। आपत्तियों और सुझावों पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम व्यवस्था तय की जाएगी। इसलिए कोलकाता और हावड़ा में कौन सा वार्ड किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा, इसकी अंतिम तस्वीर आगे स्पष्ट होगी।
दोनों नगर निगमों में नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2026 के अंत तक चुनाव कराए जाने हैं। चुनाव दुर्गा पूजा के बाद नवंबर में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की तारीख को लेकर अभी अंतिम घोषणा नहीं हुई है। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, इस बार नगर निगम चुनाव को लेकर सामान्य उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तृणमूल कांग्रेस के अंदर मौजूद अलग-अलग गुटों की स्थिति को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। अब परिसीमन और आरक्षण की अंतिम सूची के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होगी।