02/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/09/2026 08:06
मेडिकल टूरिज्म सहित पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास और प्रचार संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश(यूटी) प्रशासन द्वारा किया जाता है।
पर्यटन मंत्रालय विभिन्न प्रयासों के माध्यम से भारत को समग्र रूप से बढ़ावा देता है। वर्तमान गतिविधियों के हिस्से के रूप में, मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाता है।
पर्यटन मंत्रालय ने भारत में मेडिकल टूरिज्म की मौजूदा स्थिति, मुख्य चुनौतियों और विकास की संभावनाओं का आकलन करने के लिए कोई अध्ययन नहीं किया है। पर्यटन मंत्रालय राज्यवार और उद्देश्यवार विदेशी पर्यटकों के आगमन और मेडिकल टूरिज्म से होने वाले राजस्व के आंकड़े नहीं रखता है।
ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन(बीओआई) के अनुसार, पिछले5 वर्ष के दौरान मेडिकल उद्देश्य के लिए कुल वर्षवार विदेशी पर्यटकों के आगमन का विवरण नीचे दिया गया है:
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वर्ष |
भारत में आए विदेशी पर्यटक |
मेडिकल उद्देश्यों के लिए आए विदेशी पर्यटक |
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2019 |
1,09,30,355 |
6,97,453 |
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2020 |
27,44,766 |
1,82,945 |
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2021 |
15,27,114 |
3,23,748 |
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2022 |
64,37,467 |
4,74,798 |
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2023 |
95,20,928 |
6,59,356 |
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2024 |
99,51,722 |
6,44,387 |
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2025 (जनवरी से नवंबर) (पी) |
79,34,617 |
4,50,633 |
(पी): अनंतिम
भारत में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म के विकास को बढ़ावा देने और भारत की प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने के लिए, पर्यटन मंत्रालय ने मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म के लिए राष्ट्रीय रणनीति और रूपरेखा तैयार की और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और उद्योग हितधारकों को परिचालित किया। वाणिज्य मंत्रालय के तहत सर्विसेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल(एसईपीसी) ने व्यापक वेबसाइटhttp://www.indiahealthcaretourism.com विकसित की है। यह मान्यता प्राप्त अस्पतालों और वेलनेस सेंटरों, वीज़ा, हेल्थकेयर प्रदाताओं आदि के बारे में जानकारी देती है। पर्यटन मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस पोर्टल का लिंक दिया है।
मेडिकल इलाज के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की यात्रा को आसान बनाने के लिए, भारत सरकार ने ई-मेडिकल वीज़ा/ई-मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा की सुविधा शुरू की है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में दी।
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