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09/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/11/2026 03:00

पुतिन आए तो निवेश पर बढ़ी बात: सीतारमण-मंटुरोव की बैठक में बनी सहमति; भारत-रूस के बीच होने वाली है बड़ी डील

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पुतिन आए तो निवेश पर बढ़ी बात: सीतारमण-मंटुरोव की बैठक में बनी सहमति; भारत-रूस के बीच होने वाली है बड़ी डील?

Fri, 11 Sep 2026 02:12 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 11 Sep 2026 02:12 PM IST
सार

भारत और रूस ने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। सीतारमण और मंटुरोव की बैठक में निवेश के साथ वित्तीय सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। यह बैठक पुतिन की भारत यात्रा और मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय वार्ता से पहले हुई है। वहीं, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में विकास, स्थिरता, नवाचार और आर्थिक सहयोग पर खास जोर है।

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सीतारमण की मंटुरोव से मुलाकात - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मुलाकात की। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और उसे आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार हुआ।
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निवेश को लेकर सबसे बड़ी सहमति क्या बनी?
बैठक की सबसे अहम बात यह रही कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए ऐसा ढांचा तैयार करना है, जिससे दोनों पक्षों को फायदा हो।
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  • निवेश संधि पर बातचीत आगे बढ़ेगी: भारत और रूस ने द्विपक्षीय निवेश संधि पर जारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
  • निवेश बढ़ाने पर जोर: प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के प्रवाह और आर्थिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
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  • वित्तीय सेवाओं में सहयोग: बैठक में वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

रूस के साथ आर्थिक रिश्तों के लिए यह बैठक अहम क्यों?
भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्ते लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में निवेश और वित्तीय क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का अहम हिस्सा है। द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत आगे बढ़ने से निवेश और आर्थिक सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच आपसी तौर पर स्वीकार्य ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
  • आर्थिक सहयोग गहरा करने की कोशिश: दोनों पक्षों ने आर्थिक रिश्तों को सिर्फ मौजूदा स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें और गहरा करने के उपायों पर बात की।
  • वित्तीय क्षेत्र पर भी नजर: निवेश के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी दोनों देशों ने विचार किया।
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पुतिन की भारत यात्रा और मोदी से मुलाकात का क्या कनेक्शन?
सीतारमण और मंटुरोव की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। भारत पहुंचने पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक व्यापार, सीमा पार भुगतान व्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और पूर्वी यूरोप तथा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत का फोकस क्या?
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसकी थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। ब्रिक्स में फिलहाल ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात समेत 11 देश हैं। ये देश दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी, 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी और 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Amar Ujala Ltd published this content on September 11, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 11, 2026 at 09:01 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]