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07/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/29/2026 19:45

Bharat Stage 7: क्या BS7 नियम भारत में डीजल कारों का खेल खत्म कर देंगे? जानें नई तकनीक, असर और खरीदारों के लिए पूरी गाइड

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BS7: क्या BS7 नियम भारत में डीजल कारों का खेल खत्म कर देंगे? जानें नई तकनीक, असर और खरीदारों के लिए पूरी गाइड

Wed, 29 Jul 2026 05:56 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Wed, 29 Jul 2026 05:56 PM IST
सार

प्रस्तावित भारत स्टेज-7 (BS7) उत्सर्जन मानकों को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या BS7 लागू होने के बाद डीजल कारें पूरी तरह बाजार से गायब हो जाएंगी। यहां इस विषय पर विस्तार से जानते हैं।

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BS7 Diesel Cars - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

एक दशक पहले भारत की सड़कों पर अपना दबदबा रखने वाली डीजल गाड़ियों की लोकप्रियता आज काफी घट चुकी है। जहां 10 साल पहले बिकने वाली कुल नई कारों में करीब आधी हिस्सेदारी डीजल मॉडलों की होती थी, वहीं आज पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के कारण डीजल गाड़ियों की बाजार हिस्सेदारी काफी कम हो गई है। अब आने वाले नए उत्सर्जन मानक यानी भारत स्टेज 7 (BS7) के चलते डीजल कारों के भविष्य को लेकर बहस और तेज हो गई है।

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अगर आपके मन में यह सवाल है कि क्या BS7 लागू होते ही डीजल गाड़ियां पूरी तरह बंद हो जाएंगी, तो इसका जवाब इतना सीधा और सरल नहीं है।

आखिर क्या है बीएस7 (BS7) उत्सर्जन मानक?

भारत में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को और अधिक कम करने के लिए लाया जाने वाला अगला व्हीकल एमिशन स्टैंडर्ड BS7 (भारत स्टेज 7) (Bharat Stage 7) है।

  • सरकारी रुख और समयसीमा:
    हालांकि सरकार ने अभी तक BS7 लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है। लेकिन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन निर्माताओं से नए नियमों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आग्रह किया है।

  • अनुमानित समय:
    ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि BS7 नियम अगले दो से तीन वर्षों के भीतर आ सकते हैं। हालांकि अंतिम समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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क्या BS7 आने के बाद डीजल कारों पर पूरी तरह बैन लग जाएगा?

अगर आप सोच रहे हैं कि सरकार डीजल कारों पर बैन लगाने जा रही है। तो राहत की बात यह है कि अभी तक भारत में डीजल कारों पर प्रतिबंध लगाने की कोई आधिकारिक योजना नहीं है।

हालांकि, BS7 मानकों पर खरा उतरने के लिए कार निर्माताओं को डीजल इंजनों में भारी और जटिल तकनीकी सुधार करने होंगे। इन मुख्य सुधारों में शामिल हैं:

  • उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली: हानिकारक गैसों को बाहर निकलने से रोकने के लिए अति-आधुनिक सेंसर और नियंत्रण प्रणालियों का इस्तेमाल।

  • बड़े और अधिक कुशल पार्टिकुलेट फिल्टर: डीजल के धुएं से निकलने वाले बारीक कणों को रोकने के लिए ज्यादा क्षमता वाले फिल्टर।

  • अपग्रेडेड एग्जॉस्ट ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी: साइलेंसर और एग्जॉस्ट सिस्टम से निकलने वाले धुएं को और अधिक साफ करने वाली तकनीक।

  • AdBlue सिस्टम का बढ़ा हुआ उपयोग: प्रदूषण कम करने वाले केमिकल (AdBlue) इंजेक्शन सिस्टम का व्यापक इस्तेमाल।

  • इंजन में बारीक तकनीकी सुधार: उत्सर्जन के स्तर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए इंजन संरचना में री-फाइनमेंट।

इन सभी तकनीकों को शामिल करने से डीजल कारों की निर्माण लागत काफी बढ़ जाएगी। जिससे आखिरकार ये गाड़ियां खरीदारों के लिए और अधिक महंगी हो जाएंगी।

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BS7 नियमों से किन-किन लोकप्रिय डीजल मॉडलों पर असर पड़ सकता है?

हालांकि ऑटो कंपनियों ने अभी आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन से मॉडल बंद होंगे। लेकिन अनुमान है कि कई लोकप्रिय गाड़ियों को BS7 अनुपालन के लिए बड़े तकनीकी अपग्रेड की जरूरत होगी:

  • टोयोटा (Toyota): टोयोटा इनोवा क्रिस्टा (2.4-लीटर डीजल) और टोयोटा फॉर्च्यूनर (2.8-लीटर डीजल)।

  • टाटा मोटर्स (Tata Motors): टाटा हैरियर (2.0-लीटर डीजल) और टाटा सफारी (2.0-लीटर डीजल)।

  • जीप (Jeep): जीप कम्पास (2.0-लीटर डीजल) और जीप मरिडियन (2.0-लीटर डीजल)।

  • एमजी (MG): एमजी हेक्टर (2.0-लीटर डीजल)।

  • महिंद्रा (Mahindra): महिंद्रा के वे सभी मॉडल जो लोकप्रिय 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन से चलते हैं।

ये इंजन भविष्य में बने रहेंगे या इनकी जगह नए विकल्प लाए जाएंगे। यह पूरी तरह से संबंधित वाहन निर्माता कंपनी की भावी उत्पादन रणनीति पर निर्भर करेगा।

कार निर्माता कंपनियां अब डीजल से आगे क्यों सोच रही हैं?

अगली पीढ़ी की जटिल डीजल तकनीक में भारी-भरकम पूंजी निवेश करने के बजाय कई ऑटो कंपनियां अपने पोर्टफोलियो में पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ विकल्पों को शामिल कर रही हैं:

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): पूरी तरह से बैटरी से चलने वाली शून्य-उत्सर्जन कारें।

  • स्ट्रांग हाइब्रिड कारें (Strong Hybrids): पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के कॉम्बिनेशन से चलने वाली कारें जो बेहतरीन माइलेज देती हैं।

  • प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (PHEVs): इनमें एक पेट्रोल इंजन के साथ एक रिचार्जेबल बैटरी होती है। यह तकनीक कम दूरी के सफर को केवल बिजली से तय करने की सुविधा देती है। जबकि लंबी यात्राओं के दौरान रेंज खत्म होने का डर भी खत्म कर देती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ये तकनीकें धीरे-धीरे कई व्हीकल सेगमेंट में डीजल की जगह ले लेंगी।

क्या आज के समय में डीजल कार खरीदना एक समझदारी भरा फैसला है?

अगर आपकी जरूरतें विशिष्ट हैं, तो आज भी डीजल वाहन आपके लिए एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है:

  • नियमित लंबी दूरी का सफर: अगर आप रोजाना या बहुत अक्सर लंबी यात्राएं करते हैं।

  • हाईवे ड्राइविंग: यदि आपका अधिकांश समय हाइवे पर गाड़ी चलाने में बीतता है।

  • भारी लोडिंग और दमदार टॉर्क: अगर आपको भारी उपयोग के लिए शुरुआती खिंचाव (स्ट्रॉन्ग टॉर्क) की जरूरत है।

  • अधिक वार्षिक माइलेज: यदि आपकी कार एक साल में बहुत ज्यादा किलोमीटर चलती है।

सावधानी: हालांकि, अगर आप अपनी अगली गाड़ी को 8 से 10 साल या उससे अधिक समय तक रखने की योजना बना रहे हैं, तो हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक विकल्पों पर विचार करना अधिक फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि पूरा ऑटो उद्योग तेजी से क्लीन टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रहा है।


क्या करें खरीदार?

कुल मिलाकर कहा जाए तो, BS7 का मतलब फिलहाल डीजल कारों का अंत नहीं है। डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और न ही नए एमिशन नॉर्म्स अभी पूरी तरह तय हुए हैं। हालांकि, कड़े नियमों के कारण भविष्य में डीजल इंजनों का उत्पादन काफी महंगा हो जाएगा। इसी वजह से आने वाले वर्षों में अधिकांश वाहन निर्माता कंपनियां अपना ध्यान हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर स्थानांतरित कर रही हैं।

Amar Ujala Ltd published this content on July 29, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 30, 2026 at 01:46 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]