Amar Ujala Ltd

10/06/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/06/2026 01:00

पीएमआई: मजबूत घरेलू मांग से भारतीय सेवा क्षेत्र में उछाल, तीन महीने के उच्चतम स्तर पर वृद्धि

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पीएमआई: मजबूत घरेलू मांग से भारतीय सेवा क्षेत्र में उछाल, तीन महीने के उच्चतम स्तर पर वृद्धि

Tue, 06 Oct 2026 12:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 06 Oct 2026 12:26 PM IST
सार

सितंबर में भारतीय सेवा क्षेत्र की वृद्धि तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर से यह संभव हुआ। रोजगार और निर्यात में भी सुधार देखा गया। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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सेवा क्षेत्र पीएमआई - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि सितंबर में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर में तेज वृद्धि ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक मासिक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स अगस्त के 54.1 से बढ़कर सितंबर में 55.2 हो गया। यह जून के बाद से सबसे मजबूत वृद्धि का संकेत है।

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परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) में 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन बताता है। हालांकि, सेवा क्षेत्र की गतिविधि में यह वृद्धि पिछली तिमाही के औसत से ऊपर नहीं जा पाई। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी वित्तीय तिमाही में वृद्धि मार्च 2022 के बाद सबसे कमजोर रही। एसएंडपी ग्लोबल लगभग 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों से मिले जवाबों से एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई संकलित करता है।
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सेवा क्षेत्र की वृद्धि के प्रमुख कारण क्या हैं?

सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय सेवा क्षेत्र में वृद्धि कई कारकों से प्रेरित थी। इसमें डिजिटल समाधान, भोजन, बीमा, ऋण, सॉफ्टवेयर, परिवहन और पर्यटन की बढ़ी हुई मांग शामिल है। भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में भी सुधार देखा गया। पैनलिस्टों ने जर्मनी, यूएई, यूके और यूएस से लाभ की सूचना दी। एचएसबीसी के मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने बताया कि भारतीय सेवा क्षेत्र में सुधार जारी रहा। यह मजबूत घरेलू मांग से समर्थित था। निर्यात कारोबार भी लगातार बढ़ा, हालांकि उसकी गति धीमी रही।

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रोजगार और लागत पर क्या असर पड़ा?

सुधरते ऑर्डर और पाइपलाइन में मौजूद परियोजनाओं ने सेवा प्रदाताओं को सितंबर के दौरान अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रेरित किया। हालांकि, रोजगार की दर अगस्त से कम रही। दूसरी वित्तीय तिमाही के अंत में लागत का दबाव कम हुआ। इनपुट मूल्य मुद्रास्फीति की दर नवंबर 2025 के बाद सबसे कमजोर स्तर पर आ गई। भंडारी ने कहा कि सेवा प्रदाताओं पर इनपुट लागत का दबाव 10 महीने के निचले स्तर पर आ गया। इससे बिक्री मूल्य बढ़ाने की आवश्यकता कम हुई।

भविष्य के लिए क्या उम्मीदें हैं?

भारतीय सेवा कंपनियां आने वाले वर्ष के लिए आशावादी बनी हुई हैं। मजबूत मांग और बढ़ती ग्राहक पूछताछ से उन्हें समर्थन मिल रहा है। लगभग 16 फीसदी उत्तरदाताओं को अगले 12 महीनों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। शेष उत्तरदाताओं को वर्तमान स्तरों में कोई बदलाव नहीं दिखा। एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स सितंबर में 54.3 से बढ़कर 55.9 हो गया। यह जून के बाद से निजी क्षेत्र के उत्पादन में सबसे मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। कंपोजिट पीएमआई विनिर्माण और सेवा पीएमआई के भारित औसत होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विनिर्माण उद्योग में रोजगार सृजन और सेवा प्रदाताओं में निरंतर वृद्धि से समग्र स्तर पर अधिक रोजगार मिला।

Amar Ujala Ltd published this content on October 06, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 06, 2026 at 07:01 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]