03/18/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/18/2026 06:40
सरकार देश में एक सुरक्षित, जिम्मेदार और जवाबदेह ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी संदर्भ में, सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स में नवाचार को प्रोत्साहन देने और ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन अधिनियम, 2025 ("गेमिंग अधिनियम") लागू कर दिया है।
गेमिंग अधिनियम के अंतर्गत ऑनलाइन मनी गेम्स के सभी रूपों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है, चाहे वे संयोग के खेल हों, कौशल के खेल हों या दोनों का संयोजन हों। यह अधिनियम ऐसे खेलों के विज्ञापन, प्रचार और सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ बैंकों या भुगतान प्रणालियों के माध्यम से संबंधित वित्तीय लेनदेन के प्रसंस्करण पर भी रोक लगाता है। अधिनियम अधिकारियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत अवैध प्लेटफार्म तक पहुंच को अवरुद्ध करने का अधिकार भी देता है।
गेमिंग अधिनियम के उल्लंघन के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करना या ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स के लिए वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान करना तीन वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों का दंड हो सकता है। ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करने या इसकी सुविधा प्रदान करने के लिए दूसरी/बाद की सजा पर कम से कम 3 वर्ष की कैद हो सकती है जिसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और कम से कम एक करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है जिसे दो करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन करना दो वर्ष तक की कैद या पचास लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों के साथ दंडनीय है। ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन करने के लिए दूसरी/बाद की सजा पर कम से कम 2 वर्ष की कैद हो सकती है जिसे 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और कम से कम पचास लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है जिसे एक करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।
उपरोक्त के अतिरिक्त, गेमिंग अधिनियम ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स की मान्यता और प्रचार, भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण की स्थापना, ऑनलाइन गेम्स के लिए एक पारदर्शी पंजीकरण व्यवस्था, उपयोगकर्ताओं के लिए शिकायत निवारण प्रणाली और प्रतिबंधित ऑनलाइन मनी गेम्स तथा उनसे संबंधित नुकसानों से सुरक्षा का भी प्रावधान करता है।
राष्ट्रीय स्तर पर गठित ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण अनुमत खेलों का वर्गीकरण और पंजीकरण करने, यह निर्धारित करने कि कोई खेल धन-आधारित खेल है या नहीं, आचार संहिता जारी करने और जनता की शिकायतों का समाधान करने के लिए जिम्मेदार होगा। केंद्रीय नियामक प्राधिकरण को सशक्त बनाकर, अधिनियम का उद्देश्य समन्वित नीतिगत समर्थन, प्रभावी निगरानी प्रदान करना और भारत को ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी विकास राष्ट्रीय हित और उपभोक्ता संरक्षण के सिद्धांतों के अनुरूप हो।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गेमिंग अधिनियम को लागू करने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर, 2025 को ऑनलाइन गेमिंग प्रचार और विनियमन नियम, 2025 का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किया था। कानून निर्माण के प्रति सरकार की समावेशी दृष्टिकोण की प्रतिबद्धता के अनुरूप, हितधारकों सहित जनता से प्रतिक्रिया आमंत्रित की गई थी।
सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन द्वारा श्री राव राजेंद्र सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी आज लोकसभा में प्रस्तुत की गई।
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