Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/17/2026 09:26

प्रधानमंत्री ने सर्बिया के राष्ट्रपति द्वारा लिखित एक लेख साझा किया, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक[...]

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री ने सर्बिया के राष्ट्रपति द्वारा लिखित एक लेख साझा किया, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक संवाद के केंद्र में दृढ़तापूर्वक स्थापित करता है

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2026 7:57PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को मिली मान्यता का स्वागत किया, जैसा कि सर्बिया के राष्ट्रपति,महामहिम अलेक्ज़ान्दर वुचिच द्वारा व्यक्त किया गया। अपने संदेश में, सर्बियाई राष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट केवल एक सम्मेलन नहीं है-यह एक निर्णायक क्षण है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक संवाद के केंद्र में भारत को दृढ़तापूर्वक स्थापित करता है।

एक्स पर PMOIndiaहैंडल ने कहा:

"सर्बिया के राष्ट्रपति @predsednikrs लिखते हैं कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट मात्र एक सम्मेलन से अधिक है। वे विस्तार से बताते हैं कि किस प्रकार यह समिट भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक संवाद के केंद्र में दृढ़तापूर्वक स्थापित करती है।"

President @predsednikrs of Serbia writes that the India AI Impact Summit is more than a conference. He elaborates how the Summit places India firmly at the centre of the global discourse on artificial intelligence. https://t.co/ap2lRU23Jg

- PMO India (@PMOIndia) February 17, 2026

***

पीके/केसी/पीके/डीए


(रिलीज़ आईडी: 2229332) आगंतुक पटल : 7
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on February 17, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on February 17, 2026 at 15:26 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]