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09/07/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/07/2026 09:54

रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस: 17 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट, 9280 करोड़ के नुकसान का आरोप

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रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस: 17 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट, 9280 करोड़ के नुकसान का आरोप

Mon, 07 Sep 2026 09:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 07 Sep 2026 09:00 PM IST
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सीबीआई - फोटो : ANI
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सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सोमवार को मुंबई में स्पेशल जज के सामने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 17 आरोपियों के खिलाफ है, जिनमें रिलायंस एडीए ग्रुप के तीन एग्जीक्यूटिव - अमिताभ झुनझुनवाला (ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर, रिलायंस एडीए ग्रुप), अमित बापना (सीएफओ, आरसीएल) और रमेश शेनॉय (कंपनी सेक्रेटरी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) शामिल हैं। सीबीआई की चार्जशीट में रिलायंस की दूसरी कंपनियों के पदाधिकारी और बैंकों के अधिकारी भी शामिल हैं।

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सीबीआई के मुताबिक, चार्जशीट में आठ कंपनियां - रिलायंस पावर लिमिटेड, बिग फ्लिक्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कुंजबिहारी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक व इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े छह बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। आरोपियों पर आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश, आपराधिक हेराफेरी और धोखाधड़ी के अपराधों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराधों के लिए आरोप लगाए गए हैं।
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अब तक की जांच से पता चला है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा लिए गए लोन का पैसा, लोन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, बिचौलियों और जरिया बनी कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों को भेजा गया। इससे लोन देने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों को गलत तरीके से नुकसान हुआ। आरोपी व्यक्तियों व संबंधित कंपनियों को गलत तरीके से फायदा हुआ।
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बता दें कि सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) के अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। सभी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य कर्जदाताओं को कुल मिलाकर लगभग 9,280 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में पहली चार्जशीट 07.07.2026 को सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई थी।

मौजूदा सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होने के साथ, अब तक इस मामले में व्यक्तियों और कंपनियों सहित कुल 24 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। सीबीआई, बीएसएफबी, दिल्ली ने अलग-अलग पब्लिक सेक्टर बैंकों, एलआईसी और ईपीएफओ से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉस), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल), रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) और रिलायंस एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों के खिलाफ आठ एफआईआर दर्ज की हैं।

सीबीआई ने पहले रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में पांच चार्जशीट दाखिल की थीं। मौजूदा सप्लीमेंट्री चार्जशीट इन मामलों में दाखिल छठी चार्जशीट है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब तक रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है। सीबीआई इन मामलों की तेजी से और व्यापक जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है।



Amar Ujala Ltd published this content on September 07, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 07, 2026 at 15:55 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]