04/30/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/30/2026 07:58
भारतीय सेना ने अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चिकित्सा देखभाल और मानवीय सहायता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 27 से 30 अप्रैल 2026 तक लेह के 153 जनरल अस्पताल में चार दिवसीय उन्नत सर्जिकल नेत्र शिविर, 'ऑपरेशन नेत्र 1.0' का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस शिविर का उद्घाटन 14 कोर के जीओसी, लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया।
इस शिविर ने नागरिक-सैन्य सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए, लद्दाख के सात जिलों चुशुल, हानले, दुरबुक, डेमचोक, फुक्चे, द्रास, ज़ांस्कर, बटालिक, चुमाथांग और तुरतुक जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में कुल 950 रोगियों की जांच की सुविधा प्रदान की। ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में शल्य चिकित्सा दल ने 214 विशेष प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिनमें 197 जटिल मोतियाबिंद सर्जरी और 10 विट्रियो-रेटिनल समाधान शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने ग्लूड इंट्राओकुलर लेंस प्रत्यारोपण, मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी, विट्रेक्टॉमी, टेरिगियम एक्सिशन और इंट्राओकुलर लेंस रिपोजिशनिंग जैसी उन्नत प्रक्रियाओं को भी पूरा किया और 15 पूर्णतः दृष्टिबाधित रोगियों की दृष्टि बहाल की।
इस अभियान का एक प्रमुख आकर्षण 153 जनरल अस्पताल द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित ऑपरेशन नेत्र ऐप का शुभारंभ था। यह ऐप रिकॉर्ड के संपूर्ण डिजिटलीकरण को सक्षम बनाकर रोगी प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने, निदान की सटीकता बढ़ाने और क्यूआर कोड आधारित पहचान के माध्यम से शल्य चिकित्सा कार्यक्रम को स्वचालित करने में मदद करता है जिससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में रोगी सुरक्षा और परिचालन दक्षता सुनिश्चित होती है।
यह पहल उस राष्ट्रव्यापी अभियान में योगदान देती है जिसके तहत नवंबर 2025 से अब तक 2,500 से अधिक दृष्टि-बहाली सर्जरी की जा चुकी हैं। इससे पहले उधमपुर, देहरादून, जयपुर, बागडोगरा और गोरखपुर में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए थे। भारतीय वायु सेना द्वारा उन्नत चिकित्सा उपकरणों की हवाई आपूर्ति के माध्यम से इस मिशन को और भी सक्षम बनाया गया जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि देखभाल का स्तर उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।
इस शिविर का समापन लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की उपस्थिति में एक समारोह के साथ हुआ। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक, वाइस एडमिरल आरती सरीन के नेतृत्व में ऑपरेशन नेत्र 1.0 का सफल संचालन, "राष्ट्र सर्वोपरि" के सिद्धांत के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता और यह सुनिश्चित करने को दर्शाता है कि भौगोलिक स्थिति की परवाह किए बिना कोई भी नागरिक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
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