Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/17/2026 08:31

केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में दूरसंचार को भारत की एआई क्रांति की नींव बताया

संचार मंत्रालय

केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दूरसंचार को भारत की एआई क्रांति की नींव बताया


दूरसंचार अवसंरचना भारत के एआई विकास को मजबूती देगाः डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

सरकार ने डिजिटल परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराईः डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2026 5:53PM by PIB Delhi

केन्द्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने इस बात पर बल दिया कि दूरसंचार अवसंरचना भारत के एआई इको-सिस्टम की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी कोई विलासिता नहीं है, बल्कि यह संप्रभुता है। मंत्री महोदय ने रेखांकित किया कि समावेशी डिजिटल कनेक्टिविटी भारत के प्रौद्योगिकीय नेतृत्व और डिजिटल सशक्तिकरण के केन्द्र में है।

भारत मंडपम में आयोजति 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट'के दौरान दूरसंचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक सत्र में मुख्य भाषण देते हुए डॉ. पेम्मासानी ने भारत की तीव्र दूरसंचार प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2014 में 6 करोड़ से बढ़कर 2025 में 100 करोड़ हो गई है, जबकि औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत अब प्रति उपयोगकर्ता 24 जीबी से अधिक हो गई है। फाइबर बिछाने का विस्तार 42 लाख रूट किलोमीटर से अधिक हो चुका है और भारत ने विश्व स्तर पर सबसे तेज़ 5जी रोलआउट में से एक को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि भारतनेट जैसी अंतिम छोर कनेक्टिविटी पहलों में निरंतर निवेश से यह सुनिश्चित हो रहा है कि एआई-सक्षम सेवाएं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचें, जिससे उभरती प्रौद्योगिकियों तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण हो रहा है।

मंत्री महोदय ने आगे कहा कि भारत अब कनेक्टिविटी विस्तार से क्षमता संवर्धन की ओर अग्रसर है, जिसमें उच्च क्षमता वाले फाइबर बैकहॉल, कम विलंबता वाले अनुप्रयोगों के लिए एज कंप्यूटिंग, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और किफायती पहुंच पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप और उद्यम नवाचार कर सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में एआई को अपनाने की गति तेज हो रही है और बड़ी संख्या में बड़े उद्यम सक्रिय उत्पादन परिवेशों में एआई का उपयोग कर रहे हैं।

विश्वास और सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने मजबूत दूरसंचार सुरक्षा ढांचे, 1,200 से अधिक संस्थानों को जोड़ने वाले एआई-सक्षम डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, एएसटीआर टूल (जिसने 86 लाख से अधिक फर्जी सिम कार्डों की पहचान कर उन्हें बंद किया है) और वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर) (जिसने 1,400 करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी वाले लेनदेन को रोका है) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एआई-संचालित स्पैम पहचान और धोखाधड़ी रोकथाम प्रणालियां सक्रिय रूप से नागरिकों की सुरक्षा कर रही हैं और डिजिटल विश्वास को मजबूत कर रही हैं।

भारत की वैश्विक स्थिति का संदर्भ देते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि भारत दुनिया के शीर्ष एआई इकोसिस्टम्स में से एक है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है। उन्होंने 'इंडियाएआई मिशन'के तहत आवंटन और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में महत्वपूर्ण निवेश को आत्मनिर्भर और नवाचार-संचालित डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की सरकार की दीर्घकालिक रणनीति के हिस्से के रूप में उजागर किया।

अपने संबोधन का समापन करते हुए डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि दूरसंचार अब केवल कॉल जोड़ने करने के बारे में नहीं है, बल्कि अवसरों को जोड़ने के बारे में है। उन्होंने एक समावेशी, सुरक्षित और एआई-तैयार डिजिटल भविष्य के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस सत्र का आयोजन दूरसंचार विभाग द्वारा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया।

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पीके/केसी/आईएम/एसवी


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