Amar Ujala Ltd

09/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/24/2026 07:28

एफएसएसएआई का प्रस्ताव: अब ‘पनीर’ के नाम से नहीं बिकेंगे एनालॉग डेयरी उत्पाद, कंपनियों को बदलनी होगी लेबलिंग

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एफएसएसएआई का प्रस्ताव: अब 'पनीर' के नाम से नहीं बिकेंगे एनालॉग डेयरी उत्पाद, कंपनियों को बदलनी होगी लेबलिंग

Thu, 24 Sep 2026 04:49 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 24 Sep 2026 04:49 PM IST
सार

खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने एनालॉग डेयरी उत्पादों को पनीर नाम से बेचने पर रोक का प्रस्ताव रखा है। जानिए एनालॉग पनीर क्या है, कारोबारियों पर क्या असर होगा और उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा।

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एनालॉग पनीर - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नकली पनीर के निर्माण और बिक्री पर एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर के संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना और उन्हें असली उत्पाद उपलब्ध कराना है।

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इस संशोधन के तहत, 'डेयरी संदर्भ में एनालॉग' श्रेणी में पहले से लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत उत्पादों को अब पनीर शब्द का उपयोग बंद करना होगा। यह प्रतिबंध उनके नामकरण, लेबलिंग या विपणन में सख्ती से लागू होगा।

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खाद्य नियामक का कहना है कि यह कदम उत्पादों की प्रकृति और संरचना के बारे में उपभोक्ताओं को गलत जानकारी देने से रोकेगा। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और असली पनीर की पहचान आसान होगी। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों को नए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
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क्या है एनालॉग पनीर और यह क्यों है चिंता का विषय?

एनालॉग पनीर ऐसे उत्पाद होते हैं जो देखने में पनीर जैसे लगते हैं। हालांकि, उनमें दूध के ठोस पदार्थ कम होते हैं या उन्हें वनस्पति तेलों जैसे अन्य अवयवों से बनाया जाता है। ये उत्पाद अक्सर कम लागत पर तैयार किए जाते हैं। इनकी संरचना और पोषण मूल्य असली पनीर से काफी अलग होते हैं। उपभोक्ताओं को अक्सर यह पता नहीं होता कि वे असली पनीर नहीं खरीद रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और वित्तीय हितों को नुकसान पहुंच सकता है। एफएसएसएआई का यह कदम इसी धोखे को रोकने के लिए है।

उत्पादकों पर क्या होगा असर?

इस अधिसूचना से एनालॉग पनीर बनाने वाले उत्पादकों को अपने उत्पादों का नाम और विपणन रणनीति बदलनी होगी। उन्हें "पनीर" शब्द का उपयोग पूरी तरह से बंद करना होगा। इससे उन्हें अपने उत्पादों की नई पहचान बनानी होगी। यह बदलाव उनके लिए एक चुनौती हो सकता है लेकिन यह उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करेगा। नए नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Amar Ujala Ltd published this content on September 24, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 24, 2026 at 13:28 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]