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08/08/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/08/2026 08:27

'वार्ता को तैयार पर झुकेंगे नहीं': पेजेशकियान का बड़ा बयान, क्या अमेरिका-ईरान में सुलह की राह नहीं है आसान

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'वार्ता को तैयार पर झुकेंगे नहीं': पेजेशकियान का बड़ा बयान, क्या अमेरिका-ईरान में सुलह की राह नहीं है आसान?

Sat, 08 Aug 2026 07:21 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 08 Aug 2026 07:21 PM IST
सार

ईरान ने शांति और बातचीत का रास्ता चुनते हुए अमेरिका के साथ हुए समझौते का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही अपने कड़े तेवरों से यह भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई ताजा सैन्य झड़पों के बीच राष्ट्रपति पेजेशकियान ने क्या-क्या कहा? जानिए...

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मसूद पेजेशकियान, ईरानी राष्ट्रपति - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कर दिया है कि उनका देश राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक बातचीत के पक्ष में है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान को कभी भी आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने और युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर करने के फैसले का बचाव किया है।
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उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपने वादों को निभाएगा, तब तक तेहरान भी इस समझौते का सम्मान करेगा। लेकिन अगर अमेरिका अपने वादों से पीछे हटता है, तो ईरान भी अपनी प्रतिबद्धताओं से बंधा नहीं रहेगा।
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क्या ईरान के शीर्ष नेतृत्व में पैदा हो गए हैं मतभेद?
दूसरी ओर, मसूद पेजेशकियान ने अपने इस्तीफे की खबरों और अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे अपना काम मजबूती से जारी रखेंगे। दरअसल, जून में अमेरिका और ईरान के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर स्थायी शांति समझौते तक पहुंचने की बात कही गई थी। इस समझौते को लेकर ईरान के अंदरूनी राजनीतिक हलकों में मतभेद की खबरें आ रही थीं, जिन पर अब राष्ट्रपति ने विराम लगा दिया है।
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होर्मुज के पास धमाके, क्या सुलह नहीं आसान?
तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य इकाइयों और दुश्मन के निशानों के बीच झड़प हुई। इसके बाद होर्मोजगान प्रांत के केशम द्वीप पर दो भीषण धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि, होर्मोजगान के उप राज्यपाल अहमद नफीसी ने कहा कि केशम द्वीप या प्रांतीय राजधानी बंदर अब्बास में किसी सीधे हमले या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। हालांकि, बार-बार संघर्षविराम और फिर हमले की खबर के बाद शांति की राह आसान नहीं नजर आ रही है।

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अमेरिका-ईरान तनाव की पांच बड़ी बातें

फरवरी से शुरू हुआ युद्ध, अब पांचवें महीने में: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए। इसके बाद ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया। संघर्ष अब करीब पांच महीने से जारी है।

सीजफायर के बावजूद फिर भड़की जंग: अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम हुआ था और बाद में जून में 60 दिनों का अंतरिम समझौता हुआ। लेकिन जुलाई में अमेरिकी हमले दोबारा तेज हुए और सीजफायर प्रभावी रूप से टूट गया।

अमेरिका-ईरान के बीच MoU, लेकिन शांति अभी दूर: 17 जून को दोनों देशों ने अंतरिम समझौता किया, जिसके तहत 60 दिनों में स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत होनी थी। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और ईरान की आर्थिक परेशानियां कम करने जैसे मुद्दे शामिल थे।

होर्मुज बना सबसे बड़ा दबाव का केंद्र: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यह दुनिया के लिए बेहद अहम तेल मार्ग है। आठ अगस्त को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि जलडमरूमध्य को खोलना अमेरिका के साथ बातचीत पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर निर्भर करेगा।

जंग के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला: सैन्य तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। पाकिस्तान, ओमान और चीन समेत क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता से बातचीत की कोशिशें जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने भी कहा है कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिकी दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा।
Amar Ujala Ltd published this content on August 08, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 08, 2026 at 14:27 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]