Amar Ujala Ltd

07/26/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/25/2026 19:50

57 साल की तलाश खत्म: जब हार गया इंसान तब एआई बना सहारा; वर्षों बाद शख्स को परिवार से मिलाया

{"_id":"6a65554ab95d6c80510d71f8","slug":"when-human-efforts-failed-ai-became-lifeline-man-reunited-with-his-family-after57-years-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"57 साल की तलाश खत्म: जब हार गया इंसान तब एआई बना सहारा; वर्षों बाद शख्स को परिवार से मिलाया","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}

57 साल की तलाश खत्म: जब हार गया इंसान तब एआई बना सहारा; वर्षों बाद शख्स को परिवार से मिलाया

Sun, 26 Jul 2026 06:01 AM IST
प्रशांत तिवारी एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 26 Jul 2026 06:01 AM IST
सार

अमृतसर में जन्मे 66 वर्षीय अवतार सिंह ने अपनी असली मां की तलाश में दशकों तक कोशिश की। पिता से केवल मां का नाम पता चलने के बाद उन्होंने गूगल, फेसबुक और अन्य माध्यमों का सहारा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार चैटजीपीटी के जरिए उन्हें अपनी सौतेली बहन निक्सी का ब्लॉग मिला, जिससे दोनों भाई-बहन का संपर्क हुआ। हालांकि उनकी मां का 2024 में निधन हो चुका था, फिर भी वर्षों बाद परिवार से जुड़ने का सपना एआई की मदद से पूरा हो गया।

विज्ञापन
अपनी सौतेली बहन के साथ अवतार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

अमृतसर में जन्मे 66 वर्षीय अवतार सिंह का पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने किया। वह दादी को ही अपनी मां मानते थे। आठ वर्ष की उम्र में उन्हें पता चला कि उनके पिता, मां और एक छोटे भाई कनाडा में रहते हैं। वर्ष 1968 में नौ साल की उम्र में उन्हें अकेले ही नोवा स्कोटिया के हालीफैक्स भेज दिया गया। नए परिवार के साथ रहने पर उन्हें महसूस हुआ कि उनकी मां का व्यवहार उनके प्रति बेहद रूखा था। तभी से उन्हें शक होने लगा कि वह उनकी सगी मां नहीं हैं, लेकिन परिवार ने इस विषय पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।

विज्ञापन


आखिर अवतार को अपनी असली मां के बारे में सच कैसे पता चला?
जब अवतार की शादी हुई तो उनके दादा-दादी कुछ समय के लिए कनाडा पहुंचे। उसी दौरान उनकी दादी ने अवतार की पत्नी को बताया कि अवतार उनके पिता की पहली पत्नी के बेटे हैं। उनकी मां दक्षिण अफ्रीका में रहती थीं और वह उन्हें दादा-दादी के पास छोड़कर चली गई थीं। कई वर्षों बाद पिता ने काफी पूछने पर सिर्फ इतना बताया कि उनकी मां का नाम सविंदर था। बस इसी एक जानकारी के सहारे अवतार ने अपनी मां को खोजने की हर संभव कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने फेसबुक और गूगल की मदद ली। उन्हें लगता था कि शायद परिवार ने उनकी मां की दूसरी शादी कराने के लिए उन्हें दादा-दादी के पास छोड़ दिया था। उन्हें यह भी उम्मीद थी कि उनकी मां शायद ब्रिटेन में रहती होंगी। वर्ष 2009 में वह लंदन भी पहुंचे और विवाह पंजीकरण रिकॉर्ड के जरिए मां को तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन


मां की डिजिटल विरासत ने भाई-बहन को कैसे मिलाया?
अवतार की तरह ही ब्रिटेन के बर्मिंघम में रहने वाली उनकी सौतेली बहन निक्सी भी अपने भाई को तलाशने की कोशिश कर रही थीं। पेशे से ज्वेलरी डिजाइनर 58 वर्षीय निक्सी अपनी मां सविंदर के बेहद करीब थीं। उन्हें भी काफी समय बाद पता चला कि उनकी मां की पहले भी शादी हो चुकी थी और उनका एक बेटा भी है। उन्होंने यह सोचकर कि शायद कभी उनका भाई उन्हें ढूंढ़ने की कोशिश करे, अपनी मां की डिजिटल विरासत तैयार करने का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी मां से जुड़ी जानकारियां ब्लॉग और लेखों के रूप में इंटरनेट पर प्रकाशित कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आखिरी कोशिश में चैटजीपीटी ने कैसे आसान कर दिया वर्षों का इंतजार?
अवतार कैंसर के इलाज से उबर रहे हैं। इसी वर्ष 8 मई को वह छुट्टियां मनाने फ्रांस गए थे। खाली समय में उनके मन में एक बार फिर अपनी मां को खोजने का विचार आया। इस बार उन्होंने एआई की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने चैटजीपीटी पर अपनी मां का नाम, अमृतसर से जुड़ी जानकारी और अन्य उपलब्ध विवरण डालकर खोजबीन की। हालांकि मां के बारे में सीधी जानकारी नहीं मिली, लेकिन एक लिंक जरूर मिला, जो निक्सी द्वारा लिखा गया ब्लॉग था। उसी ब्लॉग के जरिए अवतार का निक्सी से संपर्क हो गया।

ये भी पढ़ें: कौन हैं CJP प्रवक्ता सौरव दास और अभिषेक रांका?: एक ने की पत्रकारिता की पढ़ाई, दूसरा IIT कानपुर से बना इंजीनियर

मां से मुलाकात क्यों नहीं हो सकी और अब किस बात का है अफसोस?
अवतार को पता चला कि उनकी मां सविंदर का दिसंबर 2024 में 88 वर्ष की उम्र में निधन हो चुका था। उन्हें इस बात का गहरा अफसोस है कि वह अपनी मां से कभी मिल नहीं सके। हालांकि, निक्सी से मुलाकात और मां के साथ बिताए उसके अनुभवों को सुनकर उन्हें कुछ संतोष जरूर मिला। वर्षों की तलाश भले ही मां तक नहीं पहुंचा सकी, लेकिन एआई की मदद से उन्हें अपना बिछड़ा परिवार जरूर मिल गया।
Amar Ujala Ltd published this content on July 26, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 26, 2026 at 01:51 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]