Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

10/02/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/02/2026 07:29

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा के आदर्शों को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया


प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा के आदर्शों को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 02 OCT 2026 9:11AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन और आदर्श हर युग में मानवता के मार्ग को प्रकाशित करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया-

"अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च।

निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥"

सुभाषितम् यह बताता है कि जो व्यक्ति किसी भी प्राणी के प्रति द्वेष नहीं रखता, सभी के प्रति मैत्री और करुणा का भाव रखता है, आसक्ति और अहंकार से मुक्त रहता है, सुख-दुःख में समभाव रखता है तथा सदैव क्षमाशील रहता है-ऐसा व्यक्ति परम साधक होता है।

X पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा;

"पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।

अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च।

निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥"

पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।

अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च।

निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥
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- Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026

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पीके/केसी /केएल


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